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नारद मोह के साथ शुरू हुआ श्री रामलीला का मंचन,95 साल पुराना है श्री रामलीला का इतिहास

الثلاثاء، 27 سبتمبر 2022

/ by Today Warta

इन्द्रपाल सिंह 'प्रिइन्द्र'

बानपुर/ललितपुर। कस्बा बानपुर में श्री रामलीला मण्डल के तत्वावधान में रामलीला का मंचन कस्बे के किले मैदान में हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी किया जा रहा है।जिसमें रामलीला के प्रथम दिवस पर श्री नारद मुनि की लीला का मंचन किया गया।आपको बताते चलें कस्बा बानपुर की रामलीला का इतिहास 95 वर्ष पुराना है।सर्वप्रथम रामलीला श्री बजरंगढ़ मंदिर के अधिकारी श्री गंगादास जी एवं महंत श्री जमुना दास जी ने प्रारंभ कि थी।इसके बाद से अब तक प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रि से प्रारंभ होकर दशहरे तक रामलीला का मंचन किया जाता है।सोमवार को प्रथम दिवस पर सर्वप्रथम श्री गणेश पूजन के साथ श्री नारद मोह की लीला का आयोजन किया गया।मंचन में दिखाया गया कि जब नारद को अपनी तपस्या का अभिमान हुआ। तब भगवान विष्णु ने उनके अभिमान को चूर करने के लिए माया रची और उन्हें वानर का रूप प्रदान किया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप दीक्षित, जयकिशोर श्रीवास्तव,राकेश नामदेव ध्रुवपाल सिंह गहरवार,रक्षपाल सिंह गहरवार, मनोज नामदेव,विक्रांत सिंह गहरवार,प्रमेन्द्र सिंह,अमरकांत श्रीवास्तव,भागीरथ झाँ मौजूद रहे। रामलीला का सफल संचालन सहावेन्द्र प्रताप सिंह गहरवार ने किया।

         इन कलाकारों ने किया अभिनय

विष्णु-यशप्रताप सिंह सोलंकी,ब्रह्मा -विज्जन सोनी, शंकर-दयाशंकर सोनी, इंद्र घनेन्द्र प्रताप सिंह परमार,नारद रूपांश नामदेव ,कामदेव रूद्र प्रताप,कालादेव अभिनय शर्मा, की भूमिका में नजर आए।

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