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भ्रष्टाचार के घुन में पिस रही सरकारी योजनाएं

الاثنين، 31 أكتوبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केसरी

कौशाम्बी। कडा विकास खण्ड क्षेत्र के गांवों में विकास कार्यो में जमकर बंदरबांट की जा रही है। अधिकारियों व जन प्रतिनिधियों की मिली भगत से लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांवों में आवास, इज्जतघर, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई,फागिंग का छिड़काव जैसी योजनाएं ग्राम सभाओं में फेल नजर आ रही हैं। शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। सूबे की सरकार ने योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का नारा दिया। इसके साथ ही जन-जन तक योजनाओं को पहुंचाने के लिए कार्य योजनाएं भी बनाई गई, लेकिन भ्रष्ट कार्य प्रणाली के चलते लोगों को इसका लाभ मिलना तो दूर उन्हें योजनाओं की जानकारी तक नहीं हो पा रही है। तमाम सरकारी योजनाओं का संचालन हुआ, लेकिन अधिकारियों ने इसे कागजों तक ही सीमित रखा। बानगी के तौर पर लाखों रुपये खर्च कर प्रत्येक गांव में इज्जत घर का निर्माण कराया गया, लेकिन मौजूदा समय में इज्जत घरों का हाल यह है कि कहीं दरवाजा नहीं तो कहीं सीट नहीं बैठाई गई है। यही नहीं मानक विहीन व ठेकेदारी प्रथा से बनाए गए इज्जतघरों में लकड़ी, उपले, भूंसा आदि भरकर उसे निष्प्रयोज्य बना दिया गया है। इससे सरकार का स्वच्छ भारत का सपना साकार होता नहीं दिख रहा है। क्षेत्र के शहजादपुर, पहाडपुर, तरसौरा सहित दर्जनों गाव ऐसे हैं, जहां शौचालय बद से बदतर हालत में पहुंच गए हैं। वहीं बरसात के मौसम होने के चलते दवा का छिड़काव, कचरो से पटी नालियों, आवास आदि के नाम पर सरकारी धन का जमकर बंदरबांट किया गया, लेकिन इसको देखने वाला कोई नहीं है। इस संबंध में विकास खण्ड अधिकारी का कहना है कि अगर ऐसा है तो इसकी जाच करा कर कार्रवाई की जाएगी।


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