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विद्यालयों में ध्वस्त हैं शौचालय,स्वच्छता अभियान की हवा निकाल रहे जिम्मेदार

الأحد، 20 نوفمبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केशरी

कौशाम्बी। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान को जिम्मेदार अधिकारी ही आईना दिखा रहे हैं। उनकी उदासीन कार्यप्रणाली से परिषदीय स्कूलों के शौचालय बदहाल के बदहाल रह गए। ऐसा तब है जब जिले में स्कूलों के शौचालय सुधारने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ नें परिषदीय स्कूलों के बदहाल व निश्प्रयोज्य शौचालयों को ठीक कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, लेकिन इसके बाद भी स्कूलों के बदहाल शौचालयों में कोई प्रगति नहीं हुई है। बता दें कि मुख्यमंत्री के द्धारा राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में बदहाल व निश्प्रयोज्य पड़े शौचालयों को ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पंचायतीराज विभाग द्वारा राजस्व ग्रामों में तैनात किए गए सफाई कर्मियों को शौचालयों की नियमित सफाई कराने के निर्देश ग्राम पंचायत,जिला पंचायत अधिकारियों को सौंपी थी। इसके अलावा डीएम,सीडीओ,एसडीएम को समय-समय पर कार्य का निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा स्कूलों के शौचालयों को ठीक कराने के संबध में कोई विशेष प्रयास नहीं किया गया। जिसका परिणाम है कि परिषदीय स्कूलों के अधिकांश शौचालय अभी चलन से बाहर है और वहां पढ़ रहे बच्चों को शौच के लिए खेतों में जाना पड़ रहा है। साथ ही वातावरण को स्वच्छ व गंदगी से मुक्त बनाने के लिए केंद्र द्वारा शुरू की गई मुहिम भी व्यापक रूप से सफल नहीं हो पा रही है। इस संबध में बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह का कहना है कि परिषदीय स्कूलों में निश्प्रयोज्य पड़े शौचालयों की सूची अप्रैंल माह में ही जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेज दी गई है। जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी बाल गोबिन्द श्रीवास्तव का कहना है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में जिले के प्राथमिक स्कूलों में निश्प्रयोज्य व चलन से बाहर पड़े शौचालयों को ठीक कराने का निर्देश सभी खंड विकास अधिकारियों को दिया जा चुका है। सभी ब्लॉकों में शौचालयों को ठीक कराए जाने का कार्य चल रहा है।

 


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