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बिना जांच ही सेक्रेटरी को क्लीनचीट देने में लगे डीपीआरओ

الخميس، 17 نوفمبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केसरी

कसिया में स्थानतांरण के बाद सेक्रेटरी ने निकाला था लाखों रुपये

कौशाम्बी। डिप्टी सीएम के ग्रह जनपद में उनके ही विभाग के अफसरों ने लूट मचा रखी है। आरोप है कसिया ग्राम पंचायत में सेक्रेटरी ने अफसरों के गठजोड़ से बिना कार्य लाखों रुपये निकाल लिया है। शिकायत के बाद अफसर सेक्रेटरी के बचाव में उतर आए है। अफसर सेक्रेटरी को बिना जांच ही क्लीनचीट देने में लगे हुए है। इससे महीनों बाद गबन के आरोपी सेक्रेटरी पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। शासकीय फरमान पर सिराथू के कसिया ग्राम पंचायत में वर्षो से तैनात ग्राम विकास अधिकारी सतीश चैधरी का स्थानतंरण 28 जून को दूसरे ग्राम पंचायत में क्लास्टर के हिसाब से हो गया था। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार को तैनात कर दिया गया था। सतीश चैधरी ने 29 जून को मनोज कुमार को चार्ज में सौप दिया था। आरोप है कि स्थानतांरण के बाद 8 सितम्बर को ग्राम विकास अधिकारी सतीश चैधरी ने अफसरों से गठजोठ कर फर्जी तरीके के अपना डोगल चालू कर ग्राम पंचायत के खाते से लगभग सवा सात लाख रुपये निकाल लिया। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत सीडीओ से किया था। सीडीओ ने डीपीआरओ को जांच कर आख्या मांगी थी। आरोप है कि मामले में डीपीआरओ जांच कर सही रिपोर्ट देने के बजाय सेक्रेटरी को क्लीनचीट देने में लगे हुए है। सूत्रों की माने तो ग्रामीणों की शिकासत के बाद बीडीओ ने सतीश चैधरी को 15 सितम्बर को पुन: कसिया में तैनात कर दिया है। जबकि शासन से सभी सेक्रेटरियों को क्लास्टर के हिसाब से चार्ज देने का निर्देश है। इसके बावजूद भी डीपीआरओ के पत्र का आहवला देकर बीडीओ ने सतीश चैधरी को कसिया में सम्बद्व किया गया है। गुरुवार को लोगों ने मामले की शिकायत अफसरों से किया है।

बोले अफसर

सीडीओ डॉ0 रवि किशोर त्रिवेदी का कहना है कि डीपीआरओ को जांच का निर्देश दिया गया था। लेकिन अब तक रिर्पोट नहीं आई है। सप्ताहभर के भीतर जांच रिपोर्ट मांगा कर कार्रवाई की जाएगी।


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