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मौसम में बदलाव से फैल रहा वायरल फीवर

الأربعاء، 2 نوفمبر 2022

/ by Today Warta

राकेश केसरी

कौशाम्बी। मौसम में इन दिनों लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी दिन व रात का पारा लुढ़क जा रहा है तो कभी तेज धूप हो रही है। मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते वायरल फीवर का प्रकोप फैला हुआ है। इसकी चपेट में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी हैं। आलम यह है कि सिर्फ सरकारी अस्पतालों में रोजाना हजार से अधिक मरीज इस बीमारी के शिकार पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्राइवेट डॉक्टरों के क्लीनिक पर भी मरीजों की लंबी कतार लगी हुई है। बालरोग विभाग और मेडिसिन में सबसे ज्यादा आ रहे हैं मरीज, जिला अस्पताल के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी में इन दिनों बड़ी संख्या में बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी एक हजार तक पहुंच रही है। चिकित्सक डा0 अरूण पटेंल ने बताया कि वायरल में शरीर में दर्द के साथ सर्दी-जुकाम, तेज बुखार, गले में खराश, सिर दर्द, खांसी, आंख नाक से पानी गिरता है। बताया कि वायरल फीवर में बुखार अनियमित हो रहा है। कुछ मरीजों को 103 से 104 फारेनहाइट तक बुखार चढ़ जा रहा है। ऐसे मरीजों को हर दो घंटे पर गीले तौलिया से शरीर को पोंछना चाहिए। मरीज या तीमारदार को तत्काल डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। इसके अलावा पीड़ित मरीज को घर पर आराम करना चाहिए। मरीज के आसपास सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

हर कोने में पैथोलॉजी लैव, जांच की गारंटी नहीं

सिराथू नगर के हर कोने में पैथोलॉजी लैब खुल गईं हैं। न तो इनके रजिस्ट्रेशन हैं और न ही इनके द्वारा किए गए चेकअप की कोई गारंटी है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मंगलवार को कस्बा निवासी संन्तोष ने एक पैथोलॉजी लैब पर ब्लड की जांच कराई थी। उससे अच्छे खासे रुपये भी लिए गए और उसे स्पष्ट जांच भी करके नहीं दी गई। संन्तोष ने बुधवार को मुख्यालय मंझनपुर आकर सरकारी अस्पताल में जांच कराई तो उसकी जांच प्राइवेट लैब की जांच से बिल्कुल विपरीत निकली। गनीमत रही कि संन्तोष ने समय पर सही जगह जांच करा ली। नहीं तो उसका इलाज प्राइवेट लैब की जांच रिपोर्ट के आधार पर चलता रहता। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ जाती। बताते हैं कि सिराथू कस्बे में ऐसी पैथोलॉजी लैब एक नहीं बल्कि आधा दर्जन पैथोलॉजी लैब हैं। इनमें किसी का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। सभी फर्जी तौर पर चल रहीं हैं। इस समय वैसे भी क्षेत्र में बुखार का प्रकोप है। इससे पैथोलॉजी लैबों के बारे न्यारे हैं। खासबात यह है कि जो भी पैथोलॉजी लैब खुली हुई हैं। इन पर नवयुवक जांच कर रहे हैं। उनके पास जांच करने की कोई खास मशीनें भी नहीं हैं। फिर भी फर्जी लैब खुली हुई हैं। इस संबध में सीएमओ का कहना है कि कस्बे में फर्जी लैब खुली हुई हैं। इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। इसकी मैं जांच कराता हूं। जो भी फर्जी लैब पाई जाएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।


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