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हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुआ पिच्छिका परिवर्तन समारोह

الأحد، 13 نوفمبر 2022

/ by Today Warta



इन्द्रपाल सिंह प्रिइन्द्र

देश के कोने कोने से आये हजारों श्रद्धालुओं की आंखे रहीं भव्य समारोह की साक्षी

संयम का उपकरण है मयूर पंख से बनी पिच्छी : मुनि निरीह सागर

मड़ावरा/ललितपुर। सकल दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा के अति पुण्य भाग व आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनिराज के मंगल आशीर्वाद से आचार्य भगवन के परम प्रभावक शिष्य निर्यापक श्रमण अभय सागर जी ससंघ त्रय मुनिराजों का वर्ष 2022 का वर्षायोग चातुर्माश कस्वा मड़ावरा में सकुशल सम्पन्न होने के उपरांत मुनि संघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह नगर की हृदय स्थली महावीर विद्याविहार के देशनाग्रह में बड़े ही हर्षोल्लास पूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का कुशलता पूर्वक संचालन अशोकनगर से आये विजय जी धुर्रा एवं शैलेन्द्र श्रृंगार ने किया। उल्लेखनीय है कि दिगंबर साधु की पहचान मोर पंख की पिच्छी है। पिच्छी मोर द्वारा छोड़ गए पंखों से निर्मित है। यह इतनी मुलायम होती है कि इससे किसी जीव को हानि नहीं पहुंचती। संत की पिच्छी प्राप्त होना सौभाग्य की बात है। मोर ही अकेला एक ऐसा प्राणी है, जो ब्रह्मचर्य को धारण करता है। जब मोर प्रसन्न होता है तो वह अपने पंखो को फैला कर नाचता है और जब नाचते-नाचते मस्त हो जाता है, तो उसकी आँखों से आँसू गिरते हैं और मोरनी इन आँसू को पीती है तथा इससे ही गर्भ धारण करती है। मोर में कही भी वासना का लेश भी नही है, और जिसके जीवन में वासना नहीं, भगवान उसे अपने शीश पर धारण कर लेते हैं मुनिराजों द्वारा छोड़ी जाने वाली पुरानी पिच्छी भी संयमी परिवार को ही प्राप्त होती है। पिच्छिका परिवर्तन समारोह के आरम्भ होने के पूर्व आचार्य भगवन के चित्र अनावरण का सौभाग्य नगर के सभी जिनालयों के प्रबंधक व विधान के दौरान पुण्यार्जन करने वाले परिवारों को प्राप्त हुआ एवं दीप प्रज्वलन करने का सौभाग्य मुनि श्री के पूर्व जीवन काल के परिजनों व आचार्य विद्यासागर विद्यालय एवं वर्णी पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिवार को प्राप्त हुआ व मुनिसंघ को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य दयोदय महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार जी लाला व हथकरघा परिवार पथरिया को प्राप्त हुआ त्रय मुनिसंघ के पादप्रक्षालन करने का सौभाग्य सुनील कुमार सिरोंज,नीलेश कुमार दुकानवाले एवं श्रेयांस कुमार सिंघई अशोकनगर को प्राप्त हुआ ततपश्चात जैन समाज की सभी सामाजिक संस्थाओं द्वारा अष्टद्रव्य भेंट की गयी कार्यक्रम में नृत्य के माध्यम से मंगलाचरण बालिका मण्डल अशोकनगर की बालिकाओं प्रांजलि जैन, यशा जैन, उन्नति जैन व माही जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया मुनि संघ को भेंट की जाने वाली पिच्छिकाओं के अनावरण का सौभाग्य वर्णी नगर मड़ावरा की समस्त सामाजिक संस्थाओं को प्राप्त हुआ तदुपरांत मुनि निरीह सागर जी की पुरानी पिच्छी लेने का सौभाग्य संतोष जैन शास्त्री साडूमल को व मुनि प्रभात सागर जी की पिच्छी लेने का सौभाग्य रत्नेश जैन वैध परिवार को प्राप्त हुआ एवं निर्यापक मुनि अभय सागर जी की पिच्छी लेने का सौभाग्य कपूरचंद गोना वाले परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में अशोकनगर, गुना, चंदेरी, मुंगावली, ललितपुर, महरौनी, सागर, टीकमगढ़, आरोन, प्राणपुरा, पथरिया, सिरोंज, भोपाल, इंदौर, बम्होरी, सैदपुर, साडूमल आदि जगहों से आये हजारों श्रद्धालु इस भव्य पिच्छिका समारोह के साक्षी बने।

पिच्छी परिवर्तन समारोह का आकर्षण रही पिच्छी लाने वाली ट्रेन

वर्णी नगर मड़ावरा में आयोजित हुए पिच्छी परिवर्तन समारोह में नवीन पिच्छी को समारोह स्थल के छोड़ से लाने हेतु अशोकनगर मप्र से आयी ट्रेन आकर्षण का केंद्र रही। ट्रेन का संचालन अशोकनगर मप्र से आया जैन नवयुवक मंडल कर रहा था ट्रेन के डिब्बों को घोड़ा-ऊँट, मोर एवं हाथी का रूप दिया गया था। जिन पर बड़े ही सुंदर तरीके से धार्मिक सुरलहरियों पर नाचते गाते नवीन पिच्छिका को मंच तक लाया गया जिसे सभी उपस्तिथ जनसमुदाय ने सराहा।

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