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जिपं के एएमए व लिपिक समेत तीन पर केस दर्ज,मानवाधिकार आयोग की संस्तुति पर की गई कार्रवाई

الخميس، 29 ديسمبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केशरी 

कौशाम्बी। 2009 में जिला पंचायत कार्यालय से चैकीदार पद पर हुई नियुक्ति के संदर्भ में सूचना मांगने वाले युवक से बदसलूकी के आरोप में तत्कालीन एएमए व लिपिक समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मानवाधिकार आयोग के आदेश पर मंझनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। सरायअकिल के बुद्धपुरी निवासी अशोक कुमार सेन ने बताया कि जिला पंचायत में चैकीदार पद की भर्ती वर्ष 2009 में निकाली गई थी। अशोक ने भर्ती में खेल किए जाने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। साथ ही वर्ष 2021 में तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी वीरेंद्र बहादुर से नियुक्ति संबंधी सूचना मांगी थी। 3 दिसंबर 2021 को सूचना के संबंध में जानकारी लेने के लिए अशोक कुमार सेन जिला पंचायत कार्यालय गए हुए थे। उनका आरोप है कि सूचना संबंधी जानकारी देने के बजाए वीरेंद्र बहादुर ने उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मौजूद लिपिक शैलेंद्र भारतीय ने वीरेंद्र बहादुर के इशारे अशोक सेन का मोबाइल छीनते हुए सुरक्षा गार्ड विवेक यादव को थमा दिया। किसी तरह वह वहां से अपनी जान बचाकर बाहर आए। अशोक कुमार सेन ने मामले की शिकायत 16 दिसंबर 2021 को पुलिस अधीक्षक से करते हुए दावा कि कि उनके साथ बदसलूकी का वीडियो कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में देखा जा सकता है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन अशोक कुमार ने 27 दिसंबर 2021 को मानवाधिकार आयोग से शिकायत की। आयोग की ओर से एसपी को कार्रवाई के लिए आदेशित किया गया। इसके बावजूद अनदेखा किया गया। नतीजतन अशोक ने आयोग के अध्यक्ष से स्वयं मुलाकात करते हुए जानकारी दी। आयोग के हस्तक्षेप पर मंझनपुर पुलिस ने तत्कालीन एएमए वीरेंद्र बहादुर समेत लिपिक शैलेंद्र भारतीय व सुरक्षा गार्ड विवेक यादव के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। मंझनपुर कोतवाल संतोष शर्मा ने बताया कि नामजद आरोपी वीरेंद्र कुमार, शैलेन्द्र भारतीय, विवेक यादव के खिलाफ केस धारा 166, 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। तफ्तीश शुरू की गई है

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