राकेश केसरी
कौशाम्बी। प्रचार कर नियमावली लागू है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़कें राजनीतिक व व्यवसायिक प्रचार सामग्रियों से पटी हैं। बड़े.बड़े होर्डिंग्स और बैनर.पोस्टर सार्वजनिक स्थलों पर कहीं भी देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद न तो प्रशासन टोक रहा और न ही नगर पंचायत। बताते हैं कि नगर पंचायत प्रशासन की चुप्पी की वजह उसकी मिलीभगत है। प्रचार सामग्री लगाने की गुपचुप स्वीकृति दे कमाई का जरिया बना लिया गया है। यदि इसकी गहन जांच हो तो इस खेल का राजफाश हो सकता है। जिले के नगर पंचायत मंझनपुर में प्रचार सामग्री के लिए नियमावली लागू है। इसके बावजूद जिला मुख्यालय के चैराहे,कलेक्ट्रेट के आस.पास स्थानों पर प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने की साइटें हैं। बिजली के खंभों, मार्गों के किनारे व सरकारी भवनों पर प्रचार सामग्रियों की भरमार है। नियमों का उल्लंघन करने में भाजपा, बसपा और सपा जैसे राजनीतिक दल पीछे नहीं हैं। प्रशासन की भूमिका मात्र मूकदर्शक की है। इससे नगर पंचायत को चपत लग रही है।

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