देश

national

आईटीआई छात्रों को पुरानी मशीनों से पे्रक्टिकल में हो रही परेशानी

الخميس، 1 ديسمبر 2022

/ by Today Warta

 


राकेश केसरी

कौशाम्बी। किताबी ज्ञान के साथ मशीनों को चलाने व काम करने का अनुभव अब राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में गुजरे जमाने की बात हो गई है। आईटीआई में छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र तो दिया जा रहा है,लेकिन प्रयोगात्मक ज्ञान में खरा उतारने की गारंटी नहीं। सिराथू स्थित संस्थान में लगी सालों पुरानी मशीनें इस बात को प्रमाणित कर रही हैं। आईटीआई करके सरकारी नौकरी का ख्वाब देखने वाले युवक युवतियों के सामने यहां की अव्यवस्थाएं चुनौती बनी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2004 में संस्थान की स्थापना के दौरान फिटर, टर्नर, मशीनिष्ट एवं मोटर मैकेनिक ट्रेड से संबंधित मशीनें लगाई गई थीं। इसके बाद आईटीआई से हर वर्ष छात्र छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर निकलते रहे। समय के साथ यह मशीने अपनी कार्य क्षमता खोती गई,लेकिन मजे की बात तो यह है कि अभी भी छात्र-छात्राओं को इन्ही मशीनों से प्रैक्टिकल कराना अनुदेशकों की मजबूरी बनी हुई है। वर्तमान समय में टर्नर, मशीनिष्ट, फिटर, मोटर मैकेनिक में छात्र अध्ययन कर रहे हैं। इन्हे सिखाने के लिए टर्नर ट्रेड में पाइप काटना, नट बोल्ट में चूड़ी बनाने की मशीनें धूल खा रही हैं। इसी प्रकार मशीनिष्ट में सेपर, प्लेनर, ग्राइंडर, ड्रिलिंग, मिलिंग एवं फिटर व मोटर मैकेनिक की ज्यादातर मशीने काम चलाउ हैं। संस्थान के प्राचार्य ने कहना है कि समय समय पर मशीनों की रिपयेरिंग और आयलिंग करायी जाती है। नई मशीनों के लिए संयुक्त निदेशक आईटीआई मंडल को पत्र लिखा है। 

Don't Miss
© all rights reserved
Managed by 'Todat Warta'