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सड़क में गड्ढे है या गड्ढे में सड़क, पैदल चलना हुआ दुभर, लोगों में आक्रोश

الخميس، 22 ديسمبر 2022

/ by Today Warta




राकेश केसरी

कौशाम्बी। सिराथू विधानसभा क्षेत्र के महेवा मूरतगंज मार्ग से रामपुर सुहेला व रामपुर सुहेला से मझियावा संपर्क मार्ग विभागीय अनदेखी से दुर्दशा का शिकार हो गई है,जगह जगह बोल्डर और बड़े बड़े गढ्ढों की वजह से लोग हिचकोले खाने को मजबूर है। यह सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा दस वर्ष पहले बनाई गई थीं, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते सड़क गढ्ढों में तब्दील हो गई है। 30 नवम्बर तक सभी सड़को को गढ्ढा मुक्त करने का आभियान भी चला था, लेकिन इस दौरान भी अफसरों की नजर सड़क पर नही पड़ी,जबकि तकरीबन चार किलोमिटर तक सड़क का नामोनिशान ही नहीं बचा है,सड़क के नाम पर सिर्फ गिट्टिया ही बची है,वह भी कुछ कुछ दूरी के अंतराल पर,वहीं मसीपुर गांव के समीप 25 फिट सड़क बारिश के चलते गढ्ढों में तब्दील हो गई है,सड़क की ऐसी हालत तब है, जब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का ग्रह जनपद है,तब भी पीडब्ल्यूडी विभाग के आधिकारी कर्मचारी इस सड़क की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं,वही रामपुर सुहेला के मुकेश,रामबाबू,राकेश, बाके लाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि पीएचसी चंदीपुर जाने के लिए दस किलोमिटर दूर से घूम कर जाना पड़ता है, वहीं स्थित भरवारी जाने में होती हैं,वही मसीपुर के लोगों को अपने ग्राम पंचायत के प्रधान जो इस बार रामपुर सुहेला के है, मिलने के लिए दस किलोमिटर घूम कर भरवारी बिसारा होते हुए जाना पड़ता है। मसीपुर के पूर्व ग्राम प्रधान सतीश तिवारी ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत कार्य के लिए पांच वर्ष पहले ही लिखित शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग में एक्सईएन को किया था, लेकिन आज तक विभाग ने इस सड़क को मरम्मत करने की नही सोची,जिससे आम जान मानस को अवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। रामपुर सुहेला के साहेब लाल यादव ने बताया कि इस सड़क को मरम्मत करने के लिए कई बार बीडीओ, पीडब्ल्यूडी विभाग को लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन आज तक इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। मझियावा के धर्मेंद्र कुमार पाल ने कहा कि मझियावाँ कि इस सड़क को लेकर कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग को सूचना दी लेकिन आज तक सड़के वैसी ही है, मंझनपुर मुख्यालय जाने के लिए यही एक सुलभ सड़क थी लेकिन वो भी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते, इस सड़क का अस्तित्व ही खतरे में है। रामपुर सुहेला के संतोष कुमार ने कहा कि इस सड़क पर आना जाना मतलब दुर्घटना को दावत देना, सड़क में सिर्फ बोल्डर ही बचे हैं, वह भी बारिश तेज हो गई तो वह भी बह जायेगी लेकिन विभाग और मौजूदा सरकार इस सड़क की ओर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे लोग परेशान है। 



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