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नोडल अधिकारी/विशेष सचिव ने गौशाला एवं गौवंश संरक्षण कि किया समीक्षा

الأربعاء، 18 يناير 2023

/ by Today Warta




राकेश केशरी

सम्बन्धित अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश

कौशाम्बी। नोडल अधिकारी/विशेष सचिव, राजस्व विभाग,उ0प्र0 अनुराग पटेल द्वारा मंगलवार को उदयन सभागार में गौशाला एवं गौवंश संरक्षण से सम्बन्धित समस्त बिन्दुओं की समीक्षा की गई। बैठक में नोडल अधिकारी/विशेष सचिव ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को सहभागिता योजना के तहत अधिक से अधिक लोंगों को गौवंश सुपुर्द करने के निर्देश देते हुए कहा कि लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी से समन्वय कर कुपोषित बच्चों के परिवारों को गोवंश दिये जाने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सहभागिता योजना के लाभार्थियों को निर्धारित धनराशि का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने प्रत्येक गौशाला के लिए नोडल अधिकारी नामित करने के निदेश देते हुए कहा कि नोडल अधिकारी द्वारा नियमित रूप से गौशाला का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी जाय। नोडल अधिकारी/विशेष सचिव ने कहा कि गौशालाओं में गौवंशों को ठण्ड से बचाव के लिए समुचित व्यवस्था एवं भूसा-चारा की पर्याप्त व्यवस्था हर समय सुनिश्चित किया जाय तथा सभी गौशालाओं के लिए हरे-चारे की व्यवस्था भी शीध्र सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि सभी गौवंशों की ईयर टैंगंग एवं टीकाकरण शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाय तथा पशु चिकित्साधिकारियों द्वारा गौशालाओं का नियमित रूप से निरीक्षण कर गौवशों की स्वास्थ्य की जॉच किया जाय। उन्होंने कहा कि बडे गौशालाओं में जहॉ पर अधिक गौवंश संरक्षित है, उन गौशालाओं में दवाखाना खोली जाय। उन्होंने गौशालाओं में साफ-सफाई एवं प्रकाश की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही केयर टेकरों का भुगतान समय से करने के निर्देश दिये। उन्होंने भूसा दान के माध्यम से प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्यवाही पहले से ही करने के निर्देश दिये। नोडल अधिकारी/विशेष सचिव द्वारा कैटिल कैचर की स्थिति, गौ-आश्रय स्थल एवं संरक्षित गौवंशों की समीक्षा के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में 4 कैटिल कैचर उपलब्ध है तथा विकास खण्ड स्तर पर कैटिल कैचर क्रय करने की कार्यवाही 15 दिन के अन्दर पूर्ण हो जायेगी तथा जनपद में अब तक 13864 गौवंश संरक्षित है, शेष गौवंशों को शीध्र ही संरक्षित कर लिया जायेंगा। उन्होंने बताया कि जनपद में 73 अस्थायी गौ-आश्रय स्थल क्रियाशील एवं 13 निमार्णाधीन है तथा 6 बृहद गौ-संरक्षण केन्द्र प्रस्तावित है, जिसमें में 4 क्रियाशील एवं 2 निमार्णाधीन है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जयचन्द्र पाण्डेय एवं उप जिलाधिकारी मंझनपुर प्रखर उत्तम सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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