राकेश केशरी
शहरी और ग्रामीण इलाको में नहीं सुधर रही पठन पाठन की व्यवस्था
सरायअकिल,कौशाम्बी। बेसिक शिक्षा विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। कुछ अध्यापक, अध्यापिकाएं विद्यालय देरी से पहुंचकर निर्धारित समय पर उपस्थिति अंकित कर रहे हैं। ऐसा ही हाल इन दिनों चायल विकास खंड के गांवों के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का है। जहां विद्यालय में तैनात अध्यापक विद्यालय आने में लेट लतीफी तो करते ही हैं साथ में वह निर्धारित समय में आने की उपस्थिति लगाते हैं। शुक्रवार को चायल विकास खंड के गांवों के विद्यालयों का हाल देखने को मिला। शुक्रवार को चायल बीआरसी के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर का हाल कुछ ऐसा ही रहा। अंग्रेजी माध्यम से संचालित इस संकुल विद्यालय में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक कक्षाओं में चार सौ से अधिक बच्चे पंजीकृत है। इनमे से सोमवार को कुल एक सौ बावन छात्रों की ही उपस्थिति दर्ज की गई। इन बच्चों के अध्यापन के किए दोनो विद्यालयों में ग्यारह अध्यापक तैनात किए गए है। इन अध्यापकों में से अधिकतर हिंदी माध्यम के ही अध्यापक हैं। हिंदी माध्यम के यह अध्यापक अंग्रेजी माध्यम की भी पढ़ाई कर रहे है। बच्चों ने बताया की अधिकतर अध्यापक समय से स्कूल नहीं आते है और जो भी आते है वह हाजिरी दर्ज कर अपने किसी काम से बाहर चले जाते हैं। इससे विद्यालय का पठन पाठन प्रभावित होता है।
संकुल विद्यालय चायल में नियमित नहीं आते अध्यापक
चायल विकास खण्ड के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त पठन पाठन की व्यवस्था के साथ संचालित कम्पोजित विद्यालय में कुल 19 अध्यापक तैनात है। इन अध्यापकों की जिम्मेदारी पर आठ सौ से अधिक बच्चों के पठन पाठन की व्यवस्था है। लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम है। पंजीकृत आठ सौ बच्चों में से सोमवार को मात्र एक सौ साठ बच्चों की ही उपस्थिति दर्ज रही। जबकि आधे से अधिक अध्यापक विद्यालय से नदारत रहे। यही हाल चिल्ला शहबाजी और महमूदपुर मनौरी गांव के विद्यालयों का है। इन विद्यालयों में तैनात अध्यापक समय से विद्यालय नहीं पहुंचते है और हाजिरी दर्ज कर विद्यालय से गायब हो जाते हैं।
क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी
खंड शिक्षा अधिकारी चायल महेश नारायन मिश्रा ने बताया कि विद्यालयों में पठन पाठन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए बराबर निगरानी को जा रही है। विद्यालयों में औचक निरीक्षण कर लेट लतीफी करने वाले अध्यापकों को नोटिस भेजकर कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही बच्चो को शत प्रतिशत उपस्थिति के लिए गांवों में जन जागरूकता रैली निकालकर बच्चों और उनके अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है।

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