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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 51623 गर्भवतियों को मिला लाभ

الاثنين، 30 يناير 2023

/ by Today Warta

 


राकेश केशरी

योजना स्वस्थ समाज एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लेन में मददगार-डॉ झा

कौशाम्बी स्वस्थ समाज एवं मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य के साथ ही माताओं एवं शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) प्रभावी रूप से गर्भवतियों के लिए वरदान साबित हो रही हैं इस योजना से महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और समुचित पोषण के उद्देश्य से जनवरी 2017 में पूरे देश में शुरू की गयी। नोडल अधिकारी डॉ. एसके झा ने बताया कि यह सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में से एक योजना है,इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने पर पोषण के लिए पांच हजार रुपये तीन किश्तों में गर्भवती के खाते में दिए जाते हैं। पहली किश्त 1000 रुपये की गर्भावस्था के समय पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान सीधे गर्भवती के बैंक खाते में (डीबीटी) के माध्यम से ही किये जाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक 51623 गर्भवतियों ने योजना का लाभ प्राप्त किया है तथा इसके तहत 21.07.18000 की धनराशि भी निर्गत की है। डॉ झा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रथम बार गर्भवती होने पर प्रोत्साहन राशि देकर गर्भस्थ शिशु और माता को पौष्टिक आहार और बेहतर स्वास्थ्य देना है। जिला कार्यक्रम समन्वयक विष्णु गुप्ता ने बताया कि योजना का लाभ पहली बार गर्भधारण करने वाली और धात्री को दिया जाता है। प्रसव चाहे सरकारी अस्पताल में हुआ हो या किसी प्राइवेट अस्पताल में, लाभ सभी को मिलता है। पंजीकरण के लिए गर्भवती व पति का आधार कार्ड, गर्भवती की बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड (एमसीपी कार्ड) जरूरी है। गर्भवती का बैंक खाता जॉइंट नही होना चाहिए। योजना की लाभार्थी उर्मिला पत्नी राम अवतार निवासी गावं मनिकपुर ब्लाक मंझनपुर जिला कौशाम्बी की हैं उन्होंने बताया कि मातृ वंदना योजना से मिली राशि से उनको गर्भावस्था में पोषण आहार लेने में सुविधा मिली, फल तथा हरी साग-सब्जी, दूध, गुड चना, सोयाबीन का भरपूर मात्रा में सेवन किया जिससे गर्भावस्था और प्रसव तक स्वास्थ्य ठीक रहा।

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