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आपरेशन कायाकल्प भी नहीं बदल सकी स्कूलों की काया

الجمعة، 20 يناير 2023

/ by Today Warta



राकेश केशरी

सरायअकिल,कौशाम्बी। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन के आदेश पर कायाकल्प अभियान चलाने के बाद भी नेवादा ब्लाक के कुछ विद्यालयों की तस्वीर नहीं बदल सकी है। कहीं शौचालय बदहाल हैं,कहीं ताला बंद है। किसी शौचालय में पानी सप्लाई नहीं है,तो कहीं छात्र छात्राओं के लिए यूरिनल ही नहीं है। कुछ विद्यालयों में सामूहिक रुप से हाथ धोने के लिए बने वाश बेसिन शोपीस बनकर खड़े हैं। कहीं का रसोई घर, स्टोर रूम व भवन भी ठीक नहीं हो पाए हैं। कुछ विद्यालयों की फर्श पर टाइल्स भी नहीं लगी तो कुछ की लगने के बाद ही टूट चुकी है। नेवादा ब्लाक के कुल 128 गांवों व मजरों में प्राइमरी कक्षा तक के 68,उच्च प्राइमरी के 15 व कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 41 है। बेसिक शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग के आपसी समन्वय से आपरेशन कायाकल्प के तहत प्रत्येक विद्यालयों में कुल 19 बिंदुओं पर सुंदरीकरण कार्य करके संतृप्त किया जाना चाहिए। लेकिन शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण कहीं टाइल्स, कहीं बाउंड्री तो कहीं शौचालय बदहाल पड़े हैं। रसोई घर, स्टोर रूम, एमडीएम शेड व स्कूल भवन भी जर्जर हैं, लेकिन कागजी आंकड़ों में काम पूरा दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है।

आॅपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जाने थे ये काम

बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय व यूरिनल बनने थे। कक्षाओं व शौचालयों की फर्शों पर टाइल्स लगने थे। रसोई घर का निर्माण,पानी टंकी, शौचालयों एवं प्रशाधनों में जलापूर्ति, पेयजल, श्यामपट्, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट, फर्नीचर, बाउंड्री वॉल,कक्षा कक्ष में उपयुक्त बिजली वायरिंग, विद्युत उपकरण व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए रैंप और शौचालय।

कागजों में दुरुस्त लेकिन हकीकत में बदहाल है सेंवथा का प्राथमिक विद्यालय

प्राथमिक विद्यालय सेंवथा की हालत खंड शिक्षा कार्यालय के अनुसार कागजों पर तो दुरुस्त है,लेकिन जमीनी हकीकत में बदहाल है। विद्यालय में बना मल्टिपल हैंड वाशिंग यूनिट केवल शोपीस के लिए बना है उसमें से टोंटिया गायब हैं। पेयजल व शौचालय प्रशाधन आदि में जलापूर्ति के लिए बनाया गया रनिंग वाटर भी शोपीस बना हुआ है। बालक बालिकाओं के लिए बने अलग अलग शौचालयों में लगी सीटें टूटकर बदहाल हो चुकी हैं। पुराना यूरिनल टूटा पड़ा है नया बनाया ही नहीं गया है। स्कूल से फर्नीचर गायब हैं,कुछ टूटे फूटे स्टोर रुम में पड़े हैं। कक्ष में लगी टाइल्स टूट चुकी है। वर्षों से विद्यालय की रंगाई पुताई न होने से दीवारों पर गंदगी फैली पड़ी है। एमडीएम शेड की फर्श भी जगह जगह से टूट चुकी है।

शौचालय प्रशाधनों में बंद मिला ताला, मल्टिपल हैंड वाशिंग बना शोपीस

कुछ ऐसा ही नजारा कंपोजिट विद्यालय तिल्हापुर व प्राइमरी विद्यालय सेंवथा में देखने को मिला। दोनों विद्यालयों के बदहाल शौचालयों के लिए ताले तो खुले मिले लेकिन ठीक-ठाक बने शौचालयों व प्रशासनों में शिक्षकों ने अपने खुद के उपयोग के लिए ताला लगा रखा है। दोनों विद्यालयों में हाथ धोने के लिए बनाया गया मल्टिपल हैंड वाशिंग यूनिट शोपीस बनकर खड़ा हैं। कहीं की टोंटी गायब है तो कहीं जलापूर्ति ही नहीं है।

सिलेंडर गायब,चूल्हे पर बन रहा खाना

प्राथमिक विद्यालय सेंवथा के किचेन से सिलेंडर गायब है। शुक्रवार को पड़ताल के दौरान रसोइया उर्मिला देवी व निर्मला देवी धुएं के बीच चूल्हे पर खाना बनाती मिली। पूछने पर बताया कि एक सप्ताह से सिलेंडर खतम है, प्रधानाध्यापिका उमा देवी आई नही है। इसीलिए चूल्हे में खाना बनाना पड़ रहा है।मीनू के मुताबिक मिलती जुलती कद्दू आलू की रसेदार सब्जी व रोटी बच्चों को परोसा गया। फल वितरण के बारे में पूछने पर कक्षा दो की चित्रा,कक्षा चार के अंश, लवलेश,दीपांशु व कक्षा पांच की रियल ने बताया कि उन्हें गिनती के पांच पांच अंगूर मिले हैं।

बोले खण्ड शिक्षा अधिकारी

बीईओ, नेवादा नीरज कुमार ने बताया कि कायाकल्य योजना के तहत ब्लाक क्षेत्र के ज्यादातर बिंदुओं पर स्कूलों का काम किया जा चुका है। अभी जिन बिंदुओं पर काम पूरा नहीं हुआ है, उनके लिए पंचायती राज विभाग से पत्राचार किया गया है।


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