राकेश केशरी
कौशाम्बी। आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस नित नवीन प्रयासों पर बल देने में जुटी है। साइबर अपराधियों की धमक बढ़ने से पुलिस भी हाईटेक होने लगी है। ऐसे में निगरानी के हथकंडे भी हाईटेक होने लगे हैं। जनता के बीच अपनी मित्र छवि को सुधारने का भी भरपूर प्रयास है। नए साल में बुजुर्गों की जिदगी में खुशियां भरने एवं उनके दुखों को दूर करने के लिए नया सवेरा अभियान में पुलिस की भूमिका और प्रभावी होगी। इससे उनका उत्पीड़न तो रुकेगा ही उनकी सुनवाई भी त्वरित होगी। गरुण वाहिनी की गश्त सड़कों पर बढ़ेगी और प्रयास होगा कि अपराध करने के पहले ही अपराधियों पर शिकंजा कस उठे। इससे इतर मुख्यालय व प्रमुख कस्बो की सड़क, तिराहों व चैराहों पर सीसी कैमरे से निगरानी को न केवल मुकम्मल किया जाएगा बल्कि इसकी उपयोगिता के साथ निगरानी भी तेज होगी। आधी आबादी की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन विशेष रूप से सक्रिय रहेगा। थानों पर आने वाली महिलाओं के लिए अलग से पटल होगा और यहां महिला सिपाही पूरी बात सुनने के बाद उसे जिम्मेदार अधिकारियों से रूबरू कराएगी जिससे उसके मामले में त्वरित कार्रवाई हो सके। वैसे तो हर साल दस फीसद अधिक रिपोर्ट दर्ज करने की प्राथमिकता के साथ पुलिस कार्य कर रही है, लेकिन आॅनलाइन एफआइआर दर्ज कराने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। जिले में इस दिशा में कार्य चल रहा है। जबकि मित्र पुलिस की भूमिका अदा करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के दिशा-निर्देश में पुलिस कर्मी अपना व्यवहार ही नहीं बदलेंगे बल्कि कार्यप्रणाली में भी बदलाव लाएंगे। मसलन थाने आने वालों के साथ सादगीपूर्ण बातचीत करेंगे। उनकी बात सुनेंगे और कार्रवाई भी करेंगे। टरकाने के बजाय रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई पर जोर रहेगा। समय-समय पर संभ्रांत लोगों की बैठक कर इसका संदेश भी दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव कहा कि दुर्जनों के लिए कठोर, लेकिन आमजन के लिए पुलिस मित्र की भूमिका निभाएगी। इसके लिए सभी को निर्देशित कर दिया गया है। सभी मामलों की आॅनलाइन रिपोर्टिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। थाने से लेकर पुलिस कार्यालय तक पूरी व्यवस्था आॅनलाइन ही होगी।

Today Warta