राकेश केशरी
कौशाम्बी। उद्योंग सून्य जनपद कौशाम्बी में यमुना से निकलनें वाले बालू ही एक मांत्र प्राकृतिक संपदा है। उस पर भी बालू माफियाओं ने ऐसा कहर बरपाया की इस धंधे के असली हकदार बेराजगार हो गये। यमुना की तलहटी से कभी हजारों.हजार परिवार का जीवन यापन होता था लेकिन जिला प्रशासन के गैर जिम्मेंदाराना रवैय्यें ने गरीबो के पेट पर लात मारनें का काम कर दिया। गौरतलब है कि प्लम्बर, आयरन ग्रिल एवं गेट वर्कशाप,आटा चक्की,मिनी राइस व दाल मिल,मसाला फैक्ट्री,मोमबत्ती,अगरबत्ती जैसे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा सकता है।

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