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महेवा उपरहार में प्रधान व सचिव ने मिलकर किया घपला, मंझनपुर व सरसवां ब्लाक के सचिवों पर हुई कार्रवाई

الأربعاء، 1 مارس 2023

/ by Today Warta



राकेश केशरी

बैशकाटी सचिव ने अधिकारियों के निर्देश का नहीं किया पालन

कौशांबी : मंझनपुर व सरसवां ब्लाक क्षेत्र में तैनात सचिव व एक प्रधान के खिलाफ बुधवार को डीपीआरओ ने कार्रवाई की है। सचिवों को निलंबित कर दिया। साथ ही प्रधान को नोटिस देकर 15 दिनों में जवाब मांगा गया है। जवाब न मिलने पर उनको भी पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। सरसवां ब्लाक के महेवा उपरहार गांव में विकास कार्यों के संचालन में प्रधान कौशिल्या देवी व सचिव अमित कुमार सिंह गड़बड़ी कर रहे थे। डीपीआरओ े निरीक्षण कर सुधार का निर्देश भी दिया। इसके बाद भी काम बेहतर नहीं हुआ। डीपीआरओ डा. बाल गोविंद श्रीवास्तव ने बताया कि गांव में ओडीएफ प्लान प्लस योजना से गांव में आरआरसी यूनिट का निर्माण हुआ। इस निर्माण में इस निर्माण के दौरान 450 रुपये प्रति ट्राली की दर से 265 ट्राली मिट्टी डाली गई। इसका भुगतान एक लाख 19 हजार 250 रुपये होता है। जबकि इस कार्य के लिए दो लाख 92 हजार रुपये का भुगतान निकाला गया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत के प्रशासनिक मद में दो लाख 77 हजार 505 रुपये का खर्च दिखाया गया है। जबकि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं मिले। गांव में सोकपिट का कार्य भी आधा अधूरा है। निर्देश के बाद भी इसे पूरा नहीं किया गया। गांव में 350 मीटर नाली व 13 सोकपिट का निर्माण कराए बिना ही प्रधान व सचिव ने 20 लाख 14 हजार का भुगतान निकाल लिया। गांव के विकास में लापरवाही पाते हुए डीपीआरओ ने सचिव का स्थानांतरण कर दिया। इसके नए सचिव के रूप में आदित्य सिंह को यहां का चार्ज दिया गया। तो प्रधान ने खाता खुलवाने से इन्कार कर दिया। डीपीआरओ ने प्रधान व सचिव को दोषी पाते हुए सचिव को निलंबित कर दिया। साथ ही प्रधान को 15 दिनों का समय देते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यदि जवाब नहीं मिला तो उनको पद से हटाने की कार्रवाई होगी। इसी प्रकार बैशकांटी गांव में तैनात सचिव राम प्रसाद को डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया। डीपीआरओ ने बताया कि सचिव को बैशकांटी कलस्टर आवंटित है। सचिव ने प्रधान के साथ मिलकर अब तक खाता नहीं खुलवाया। वहीं इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा करते थे। प्रधान ने मामले की शिकायत अधिकारियों से भी की थी। इसी बीच सचिव ने अपनी परेशानी को ब्लाक व जिला स्तरीय अधिकारियों से बताने के बजाय सीधी डीएम को पत्र देकर अवगत करा दिया। डीपीआरओ ने बताया कि यह कृत्य कर्मचारी नियमावली के विरुद्ध है। इसके साथ ही सचिव ने अपनी पदीय दायित्वों को निर्वहन नहीं किया। जिससे गांव का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। यह कृत्य उच्चाधिकारियों के निर्देश की अवहेलना है। ऐसे में सचिव को निलंबित किया गया है।

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