सर्दियों के मौसम में सर्द हवा और कड़कड़ाती ठंड के कारण बीमार होने का खतरा अधिक रहता है। सर्दियों में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। आयुर्वेद के ये तरीके आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं...
नियमित रूप से एक्सरसाइज
आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए रोजना नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए। डॉक्टर्स के मुताबिक सर्दियों में सुबह-सुबह एक्सरसाइज करने से शरीर का मेटाबॉलिक रेट सही रहता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है। अगर आप रोजाना सुबह 15 से 20 मिनट एक्सरसाइज करेंगे तो आप दिनभर फ्रेश और एक्टिव महसूस करेंगे।
तेल की मालिश
आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में गर्म तेल की मालिश से भी बहुत फायदा होता है। खासतौर पर जिन लोगों को जोड़ों के दर्द की समस्या है उन्हें प्रतिदिन गर्म तेल की मालिश करनी चाहिए। सर्दियों में सोने से पहले गुनगुने तेल से शरीर की मालिश करने से शरीर को गर्माहट मिलती है और दर्द में भी राहत मिलती है। नहाने से पहले गर्म तेल की मालिश करने से त्वचा निखरती है।
गरम मसाले का प्रयोग
आयुर्वेद के अनुसार लौंग, दालचीनी, काली मिर्च, जायफल, इलायची, अदरक और हल्दी जैसे गर्म मसाले शरीर में वात या वायु तत्व को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे सर्दी के मौसम में शरीर को गर्माहट मिलती है और पाचन तंत्र भी सही रहता है। सर्दियों मैहन गरम मसालों का सेवन करने से जोड़ों के दर्द, गठिया, खांसी और सर्दी में भी राहत मिलती है।
पर्याप्त मात्रा में पानी
सर्दियों में प्यास कम लगती है, जिसकी वजह से हम इस मौसम में कम पानी पीते हैं। लेकिन इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है और शरीर से टॉक्सिन्स भी बाहर नहीं निकल पाते हैं। इस समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ। आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों में गर्म पानी पीना चाहिए क्योंकि इससे पाचन तंत्र सही रहता है।
सही खानपान
आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में ज्यादा से ज्यादा गर्म चीजें और गर्म भोजन खाना चाहिए। सर्दियों में आप अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, अनाज, मेवा, फल, हदी वाला दूध, गुड़ आदि जरूर शामिल करें। इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ेगी और बीमारियों से बचाव में मदद मिलेगी।

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