शिव पूजन विधि और सोमवार व्रत का धार्मिक महत्व
हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन साल का पांचवां महीना होता है। श्रावण माह में शिव जी की पूजा-उपासना का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष सावन माह की शुरूआत 30 जुलाई से हो रही है, जिसका समापन 28 अगस्त को होगा। सावन में भगवान शिव को जल, बेलपत्र, दूध, दही और शहद अर्पित करना बहुत ही शुभ होता है। सावन का महीना भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय होता है और इस माह शिव जी की पूजा करने से महादेव जल्द प्रसन्न होते हैं।
शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता बेलपत्र ?
भगवान शिव की पूजा बिना जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित किए पूरी नहीं मानी जाती है। भगवान शिव को बेलपत्र बहुत ही प्रिय होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन नेत्र हैं। इसके अलावा बेलपत्र की तीन जुड़ी पत्तियां त्रिदेव ब्रह्राा, विष्णु और महेश का प्रतीक मानी जाती है। वहीं इसके अलावा बेल पत्र की तीन पत्तियां सत, रज और तमोगुण का प्रतीक है। वहीं बेल पत्र की तासीर ठंडी होती है और इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से शिवजी को शीतलता प्राप्ति होती है। वहीं स्कंद पुराण के अनुसार बेल के पेड़ में माता पार्वती का वास भी भी माना जाता है। इसलिए भगवान को शिव बेलपत्र अत्याधिक प्रिय होता है।
सावन 2026 के पहले दिन बना शुभ संयोग
सावन महीना शिव भक्ति के लिए सबसे अच्छा माना गया है क्योंकि इस माह भगवान शिव जल्दी प्रसन्न होते हैं और हर एक मनोकामना पूरी करते हैं। आज सावन के पहले दिन कई तरह के शुभ संयोगों का निर्माण हुआ है। सावन के पहले दिन श्रवण नक्षत्र का संयोग, आयुष्मान योग, शश महापुरुष राजजोग, हंस राजयोग और गुरु आदित्य राजयोग बन हुआ है। ऐसे में इस शुभ संयोग में महादेव और माता पार्वती की पूजा करना विशेष फलदायी है। आज से सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है जो 28 अगस्त तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के महीने में ही माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप पाने के लिए कठोर तप शुरू किया था और भगवान शिव ने उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर पत्नी के रूप में स्वीकार्य किया। सावन में देवी पार्वती की मनोकामना पूरी हुई थी। इस वजह से भगवान शिव को यह महीना प्रिय होता है।
हिंदू धर्म में सावन माह का विशेष महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव को अतिप्रिय होता है। स्कंद पुराण में बताया गया है कि श्रावण माह में स्नान, दान और जप करने से भगवान भोलेनाथ सभी तरह के दुखों का नाश करते हैं और हर एक मनोकामना पूरी करते हैं। इस माह आने वाले सोमवार और शिवरात्रि पर व्रत रखने से सभी तरह की इच्छाएं पूरी होती है। इसके वैवाहिक सुख और संतान सुख और दीघार्यु की प्राप्ति होती है।
कब तक रहेगा सावन ?
गुरुवार, 30 जुलाई से श्रावण प्रतिपदा तिथि से सावन का महीना शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व होता है। सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्तवी की पूजा के लिए समर्पित होता है। सावन का समापन पूर्णिमा तिथि पर होता है ऐसे में सावन 30 जुलाई से लेकर 28 अगस्त तक चलेगा।








