तीन दिवसीय जम्मू कश्मीर यात्रा पर पहुंचे अमित शाह
श्रीनगर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 70 वर्ष तक जम्मू-कश्मीर पर तीन परिवारों ने राज किया, लोकतंत्र सिर्फ अपने परिवारों में बना दिया था। आप सभी को कभी भी ग्राम पंचायत, तहसील पंचायत, जिला पंचायत का अधिकार मिला था क्या? तीन परिवारों ने लोकतंत्र का, जम्हूरियत का मतलब सिर्फ पीढ़ियों तक शाासन करना निकाल दिया था। तीन दिवसीय जम्मू कश्मीर यात्रा पर पहुंचे अमित शाह ने आज राजौरी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान अमित शाह ने विपक्ष पर जबरदस्त तरीके से निशाना साधा और कहा कि 370 खत्म होने के बाद यहां आम लोगों को फायदा हुआ है। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि 70 वर्ष तक जम्मू-कश्मीर पर तीन परिवारों ने राज किया, लोकतंत्र सिर्फ अपने परिवारों में बना दिया था। आप सभी को कभी भी ग्राम पंचायत, तहसील पंचायत, जिला पंचायत का अधिकार मिला था क्या? तीन परिवारों ने लोकतंत्र का, जम्हूरियत का मतलब सिर्फ पीढ़ियों तक शाासन करना निकाल दिया था। गृह मंत्री ने कहा कि देश में सरकार बदली, 2014 से नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बनें, तब मोदी जी ने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव कराए। पहले जो सिर्फ तीन परिवार के पास था, आज 30 हजार के पास जम्मू-कश्मीर का शासन आया है। अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने 5 अगस्त 2019 को एक महत्वपूर्ण फैसला दिया, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35अ को उखाड़ कर फेक दिया। अगर अनुच्छेद 370 और 35अ नहीं हटता तो जम्मू-कश्मीर में ट्राइबल रिजर्वेशन नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35अ हटने से यहां पिछड़ों को, दलितों को, आदिवासियों को और पहाड़ियों को अपना अधिकार मिलने वाला है। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। आज मोदी जी पूरे जम्मू-कश्मीर के 27 लाख परिवारों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य का पूरा खर्च उठा रहे हैं, 70 वर्ष में इन तीन परिवारों ने दिया क्या? भाजपा नेता ने कहा कि पहले आए दिन जम्मू-कश्मीर से पथराव के समाचार आते थे। आज पथराव के समाचार नहीं आते हैं। मोदी जी ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को सशक्त करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर 2019 तक पूरे जम्मू-कश्मीर में 15 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश आया था। 2019 से अब तक इन तीन वर्ष में 56 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश पूरे जम्मू-कश्मीर में आया है। गृह मंत्री पहाड़ी कम्युनिटी को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की घोषणा कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी, हंदवाड़ा,पुंछ और बारामूला में पहाड़ी लोगों की बड़ी आबादी है। इस समुदाय के लोग जम्मू कश्मीर के 5 जिलों की 10 विधानसभा सीटों पर प्रभाव रखते हैं। इससे पहले उन्होंने आज वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। गृह मंत्री बनने के बाद शाह पहली बार मंदिर दर्शन करने पहुंचे। वह जम्मू में अलग-अलग परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। यहां कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।अमित शाह 4 अक्टूबर की शाम श्रीनगर पहुंचेंगे। यहां कई भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे। श्रीनगर में शाह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। बैठक में पुलिस, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर और केंद्र की खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। 5 अक्टूबर को वह श्रीनगर के राजभवन में होने वाली बैठक में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। श्रीनगर और बारामूला में अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात भी करेंगे।धारा 370 के हटने के बाद शाह दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के दौरे पर पहुंचे हैं, जबकि जम्मू का यह उनका पहला दौरा है। इससे पहले अक्टूबर 2021 में वह कश्मीर दौरे पर गए थे। अमित शाह का जम्मू दौरा 30 सितंबर के लिए तय किया गया था, लेकिन उनके शेड्यूल में बदलाव किया गया।गृहमंत्री के दौरे से पहले 28 सितंबर को उधमपुर में 8 घंटे के अंतराल में बसों में दो ब्लास्ट हुए। पहला ब्लास्ट बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे दोमेल चौक पर पेट्रोल पंप के पास खड़ी एक खाली बस में हुआ। इसमें 2 लोग घायल हुए थे। दूसरा ब्लास्ट गुरुवार सुबह 6 बजे बस स्टैंड पर खड़ी एक खाली बस में हुआ। इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी।

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