हत्या की जो स्टोरी पुलिस ने बताई
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि डीजी लोहिया पिछले कई दिनों से अपने दोस्त संजीव खजूरिया के घर ठहरे हुए थे। दोनों के बीच पारिवारिक संबंध थे। लोहिया अपनी आॅफिशियल सिक्योरिटी के साथ यहां आए थे। डिनर के बाद लोहिया अपने कमरे में चले गए। उनका नौकर यासिर कमरे में था। लोहिया की तबीयत कुछ नासाज थी और यासिर उनकी देखभाल कर रहा था। इसके बाद यासिर ने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया और धारदार हथियार से कई बार उन पर वार किया। उसने उनका दम घोंटने की कोशिश की। आरोपी की हिस्ट्री बताती है कि वह आक्रामक और अस्थिर व्यक्ति था।

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