हैदराबाद। हैदराबाद पुलिस ने रविवार को शहर में आतंकी साजिश का पदार्फाश किया है। मामले में करक और लश्कर से जुड़े तीन आतंकी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी शहर के मलकपेट से हुई है। उनके पास से 5 मोबाइल, कैश और 4 हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए भीड़-भाड़ इलाके में आतंकी फिदायीन हमले की फिराक में थे। आतंकियों की पहचान अब्दुल जाहेद, मोहम्मद समीउद्दीन और माज हसन फारूक के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ये सभी आतंकी हैदराबाद में किसी पब्लिक प्लेस को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, जिससे शहर में आतंक और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सके। पुलिस के मुताबिक कुल छड आतंकी की सूचना मिली थी। तीन आतंकी अभी भी फरार है, उनकी तलाश की जा रही है।
कई आतंकी साजिश को अंजाम दे चुका है अब्दुल जाहेद
पुलिस ने बताया कि अब्दुल जाहेद ने हैदराबाद में हुए कई आतंकी साजिश को अंजाम दिया। उसने 2002 में दिलसुखनगर के साईंबाबा मंदिर, 2004 में सिकंदराबाद में मौजूद गणेश मंदिर और 2005 में बेगमपेट स्थित सिटी पुलिस कमिश्नर के टास्क फोर्स के आॅफिस पर आत्मघाती हमला किया था। हमले के लिए अब्दुल ने कई लोकल युवाओं की भर्ती की थी। पुलिस के मुताबिक अब्दुल जाहेद पहले से कई आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है और वह पाकिस्तानी करक और लश्कर आॅपरेटर्स के लगातार संपर्क में था।
कस्टडी में भेजे गए तीनों आतंकी
अब्दुल जाहिद ने अपने कबूलनामे में खुलासा किया है कि वो फरहतुल्ला गोरी, अबू हमजाला और मजीद से संपर्क में था और उन्होंने हैदराबाद में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने के लिए प्रेरित किया और पैसे भी दिए। पुलिस ने कहा कि पाकिस्तान स्थित आकाओं के इशारे पर, जाहिद ने समीउद्दीन और माज हसन को अपने साथ जोड़ लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद तीनों लोगों को कस्टडी में भेज दिया गया है। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। उफढऋ का एक जवान भी घायल है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक ये हमला उस समय हुआ, जब पुलवामा के पिंगलान इलाके में उफढऋ और पुलिस की जॉइंट पार्टी पेट्रोलिंग कर रही थी। हमले के बाद इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलिसकर्मी की मौत पर दुख जताया है।

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