राकेश केसरी
कौशाम्बी। किसानों की आय बढ़ाने में जुटी प्रदेश सरकार ने शहद व्यवसाय को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है। इसके लिए निदेशक खाद्य एवं प्रसंस्करण ने जिले में मधुमक्खी पालकों का चयन कर उन्हें प्रोत्साहित करने को कहा है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद उद्यान विभाग ने किसानों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आॅनलाइन आवेदन करने को कहा है। आवेदन के बाद चयनित किसान के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से अनुदान राशि भेजते हुए मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर कृषि निवेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए जनपद में शहद उत्पाद व व्यवसाय को प्रोत्साहित कराने की योजना बनाई गई हैं। निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण ने उद्यान विभाग को पत्र भेजकर वित्तीय वर्ष में मधुमक्खी पालकों को चयनति कर उन्हें योजना से आच्छादित करते हुए जनपद में शहद उत्पादन, व्यवसाय को बढ़ावा देने को कहा है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद उद्यान विभाग ने प्रशिक्षित पालकों के साथ किसानों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत आनलाइन आवेदन करने को कहा है। आवेदन की जांच के बाद पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पालकों का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के तहत किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से अनुदान राशि ट्रांसफर कर जनपद में मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि चयनित लाभार्थी को अधिकतम 50 मौनवंश एवं मौनगृह पर ही अनुदान मिलेगा। चयनित किसान को 50 मौनवंशों के एक इकाई की स्थापना पर 2.20 लाख खर्च करना होगा और शासन की ओर से 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। मधुमक्खी पालन अनुदान के लिए चयनित किसान के प्रोजेक्ट का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।

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