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हादसों की वजह बन सकते आवारा जानवर

الأحد، 20 نوفمبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केशरी

कौशाम्बी। शासन आवारा गोवंश को गोआश्रयों में ले जाने व इनके पालन पोषण के लिए पशुपालकों को प्रोत्साहित कर रही है। लेकिन यह योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। सड़कों पर आवारा पशु सुबह से शाम तक डेरा जमाए रहते हैं। इससे वाहन चालकों व राहगीरों के साथ किसी भी समय हादसों से इंकार नहीं किया जा सकता है। सैनी चैराहा जीटी रोड के लोग इस समय अन्ना पशुओं से परेशान है। यह जानवर सुबह से शाम तक मार्ग पर सड़क पर डेरा जमाए रहते हैं। क्षेत्र में कोई गोशाला न होने की वजह से इनकी संख्या भी बहुत अधिक है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालक व पैदल राहगीरों को बेहद परेशानी होती है। उनके साथ किसी भी घटना होने का हमेशा खतरा बना हुआ है। दुकानदार यदि कुछ कार्य करने में जुट जाए तो जानवर नुकसान कर देते हैं। लोगों ने कई बार शिकायत जिला प्रशासन से की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 

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