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अस्तित्व बचाने को जूझते गांव के तालाब

السبت، 19 نوفمبر 2022

/ by Today Warta



राकेश केशरी

कौशाम्बी। जनपद के हजारों तालाबों में आज भी लोगों का कब्जा है, जिसे हटाया नहीं जा रहा। इस मामले को जिलाधिकारी अखण्ड़ प्रताप सिंह ने बहुत गंभीरता से लिया है, क्योंकि अधिकरियों ने तालाब के अतिक्रमण को हटाने में रुचि नहीं ली है। जिले में लगभग दस हजार तालाब हैं। जिसमें सिराथू तहसील में लगभग 35 सौ, मंझनपुर तहसील में 3 हजार, चायल तहसील में 4 हजार तालाब शामिल हैं। इन तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये गये थे। इसके बाद भी तालाबों पर लोग काबिज हैं। अतिक्रमणकारियों के कब्जे से तालाबो को मुक्त कराने के आदेश जिलाधिकारी ने कई बार मातहतों को दिया। लेकिन सार्थक परिणाम नहीं निकला। अधिकांश तालाब आज भी अतिक्रमण का शिकार हैं। जिससे उनका अस्तित्व संकट में पड़ गया है। तहसील क्षेत्र में तालाबों के अतिक्रमण को हटाने के लिए अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हैं, जिससे तालाबों की स्थिति यथावत बनी हुई है। सर्वाधिक खराब स्थिति गांव और गांव के किनारे बने तालाबों की है। जिनकी जगह में मकान तक खड़े कर लिये गये हैं। ऐसी स्थिति में तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई खुद लड़ रहे हैं। जिसकी बानगी सिराथू तहसील के शमसाबाद गांव में देखी जा सकती है,जहा कई तालाबों पर दबंगों ने कब्जा कर मकान बना लिया हैं, जिसकी ग्रामीणों ने कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों से किया। लेकिन कोई कार्यवाही नही हो सकी।  







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