इन्द्रपाल सिंह प्रिइन्द्र
बच्चों को शाकाहार अपनाने की दिलाई शपथ
ललितपुर । शाकाहार के पुरोधा साधु टीएल वासवानी की 143 वीं जन्म जयंती के अवसर पर करुणा इंटरनेशनल केंद्र ललितपुर ने उनका जन्म दिवस शाकाहार दिवस के रुप में मनाया। वहीं स्याद्वाद बाल संस्कार केंद्र जूनियर हाईस्कूल में उनके जन्म दिवस के अवसर पर बच्चों देवेंद्र, आकाश मांझी, राजराय, यश, मान्यता चौधरी, सौम्या रावत, नंदिनी राजपूत, पूनम, खुशबू, कनिष्का,
शिवी,भूमि ने जीवन में शाकाहार अपनाने की शपथ भी ली।बताते चलें साधु टी एल वासवानी ने शाकाहार के प्रचार- प्रसार के लिए अपना संपूर्ण जीवन न्यौछावर कर दिया था ।उनका जन्म दिवस शाकाहार दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य केपी पांडे ने कहा कि जीवों के प्रति अपार स्नेह रखने वाले साधु टी० एल० वासवानी का जन्म 25 नवंबर 1879 को हैदराबाद में हुआ था। इनका पूरा नाम थावरदास लीलाराम वासवानी था। साधु टी एल वासवानी शाकाहार के पुरोधा थे।उन्होंने कहा कि साधु टीएल वासवानी के जीवन से हमें प्रेरणा लेना चाहिए कि उनके जीवन का प्रत्येक क्षण जीव- जंतुओं एवं शाकाहार के प्रति समर्पित रहा।उनका कहना था कि प्रकृति के प्रत्येक प्राणी में जीवन है। हमें संसार के समस्त जीवों से प्रेम करना चाहिए।स्याद्वाद इंग्लिश मीडियम विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा जैन ने कहा कि प्रकृति ने भी जहाँ मानव के आहार के लिए अनेक वनस्पति व स्वादिष्ट पदार्थ उत्पन्न किए हैं। वहीं उसकी सेवा व सहायता के लिए विभिन्न पशु- पक्षियों की सृष्टि की।वे पशु- पक्षी जो एक ओर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं तो दूसरी ओर मानव भी तनिक सी दया, प्रेम पाकर उसके मनुष्यों से भी अधिक स्वामी भक्त वफादार बनकर उसकी जी जान से सेवा करते हैं।फिर भी आज मानव दानव बनकर जीव हिंसा के लिए कदम बढा रहा है। जिसे आधुनिक युग में रोकना वेहद जरुरी है। जिससे प्रकृति का संरक्षण हो सके।इस दौरान प्रधानाचार्य केपी पांडे,सीमा जैन,सृष्टि,प्रियंका कुशवाहा,मेघा जैन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन मेघ जैन ने किया।

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