राकेश केसरी
कौशाम्बी। मौसम में हो रहे बदलाव को भांपना अब मौसम वैज्ञानिकों के लिए भी टेढ़ी खीर साबित हो रही है। मौसम के इस मिजाज से मानवों के साथ-साथ पशु-पक्षियों में कई संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका प्रबल हो गयी है। पारे के उतार-चढ़ाव से पशुपालक काफी चिंतित हैं। ऐसे में पालकों को चाहिए कि अपने पशुओं को रोगों से बचाने के लिए पहले से ही विभिन्न संक्रामक रोगों के टीके लगवाएं, ताकि पशु निरोग रह सकें। ऐसा ही सुझाव पशु चिकित्सकों ने दिये हैं। गौरतलब है कि मौसम के इस कदर परिवर्तित होने से पशुओं में संक्रामक रोग होने की संभावना प्रबल हो गयी है। इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बताते हैं कि पशुओं में होने वाले संक्रामक रोगों में विशेष रूप से गलाघोंटू, लंगड़ी, खुरपका, मुंहपका व पोकनी आदि ऐसी बीमारी है, जो पशुओं को ज्यादा प्रभावित करती है। इनसे बचाव के लिए पशुपालक अभी से सचेत होकर अपने क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क कर पशुओं को टीका लगवाने की तिथि नियत कर उसका पालन करें। उन्होंने बताया कि टीकों के बारे में अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सक से पालक सुझाव ले सकते हैं।

Today Warta