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व्हाट्सअप चैटिंग से खुलेगा डीपीओ दफ्तर का राज,जांच में जुटी पुलिस

الجمعة، 30 ديسمبر 2022

/ by Today Warta

 


राकेश केसरी

साइबर सेल व्हाट्सएप कंपनी को पुलिस जांच के लिए भेजेगी डीपीओ का मोबाइल,

कौशाम्बी। विकास भवन के जिला प्रोबेशन दफ्तर में महिला कर्मियों से छेड़खानी समेत अन्य रहस्य भी पुलिस खोलने की तैयारी कर चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डीपीओ रामनाथ राम का मोबाइल पुलिस ने कब्जे में लेकर उसके व्हाट्सअप चैट समेत काल डेटा रिकवर कर रही है। अब तक हुई जांच में पुलिस के हाथ डीपीओ राजनाथ राम गिरफ्तारी के पर्याप्त साक्ष्य हासिल हो चुके हैं,लेकिन उसे पुख्ता करने के लिए चैट और काल डिटेल की जरूरत है। जिनके आधार पर पुलिस अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर उसे कड़ी सजा दिलाएगी। ताकि भविष्य में कोई अफसर-कर्मचारी किसी महिला कर्मचारी साथ भविष्य में ऐसी गलती न कर सके। मंझनपुर पुलिस ने डीपीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद से तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस को महिला कर्मचारी ने साक्ष्य के तौर पर छेड़खानी का वीडियो व अश्लील चैट का स्क्रीन शॉट मुहैया करा दिया है। डीपीओ की गिरफ्तारी के बाद से दफ्तर की अन्य महिला कर्मियों ने आवाज उठाने की तैयारी की है। जिसने पुलिस बयान दर्ज करने की कोशिश में लगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक डीपीओ के मोबाइल से और कई राज मिले हैं। सीओ मंझनपुर योगेन्द्र कृष्ण नारायण सिंह ने बताया, आरोपी डीपीओ ने कुछ चैट डिलीट कर दिए हैं। व्हाट्सएप कंपनी से सारे चैट वापस मंगाये जाने की कोशिश की जा रही है। साइबर सेल की टीम इसके लिए काम कर रही है। डिलीट मैसेज को रिकवर किया जा रहा है। सीओ के मुताबिक, मुकदमे में अभी आईटी एक्ट की धारा बढ़ाई जाएगी। अफसरों से राय शुमारी के बाद पहले मिली शिकायत (आउट सोर्सिंग महिला कर्मचारी) का अलग से केस फाइल करना है। या इसी मुकदमे में जोड़ा जाना है, यह तय किया जाएगा। फिलहाल जो मुकदमा लिखा गया है। उसमें पुराने मामले का तहरीर में जिक्र है।


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