राजीव कुमार जैन रानू
सर्दी के मौसम में खांसी, बुखार, एलर्जी, अस्थमा का बढ़ सकता है प्रसार
ललितपुर। सर्दी के मौसम में खांसी, बुखार, एलर्जी, अस्थमा आदिका प्रसार बढ़ सकता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता एवं शरीर के तापमान को सामान्य बनाये रखने हेतु स्वास्थ्य वर्धक खाना जैसे फल, सब्जियां एवं प्रचुर विटामिन सी की मात्रा वाले खाद्य सामग्री एवम गर्म पेय पदार्थों का नियमित सेवन करें। यह कहना सीएमओ डा.जे.एस.बक्शी का। उन्होंने बताया कि ठण्ड के मौसम में फ्रॉस्ट बाइट (हिमदाह), हाइपोथर्मियां (शरीर का तापमान गिर जाना) जिससे शरीर में कपकपी, बोलने में परेशानी, मांसपेशियों में अकडऩ, सांस लेने में भारीपन होना, कमजोरी या बहोशी हो सकती है। अत्यधिक कपकपी को नजर अंदाज न करें, क्योंकि घर के अंदर, बाहर यह पहला लक्षण है कि शरीर का तापमान गिर रहा है। हाईपोथर्मियां एक चिकित्सा अपातकालीन स्थिति है जिसे चिकित्सीय सहायता हेतु तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। हाइपोथर्मियां होने की स्थिति में व्यक्ति को गरम स्थान पर लिटाये और कपड़े बदलें, व्यक्ति के शरीर को त्वचा से त्वचा के सम्पर्क एवं कम्बल की सूखी परतो से गर्म करने का प्रयास करें। सर्दी से हालत बिगडऩे की स्थिति में चिकित्सक से परामर्श लें। उन्होंने सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्सा अधीक्षकों, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों को शीतलहर से बचाने एवं मरीजों के उचित उपचार व रेफरल की उचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। महामारी रोग विशेषज्ञ डा. देशराज ने बताया कि शीतलहर/पाला से बचाव करने की जरूरत है। टीवी, रेडियो, समाचार पत्र, सोशल मीडिया आदि पर मौसम के बारे में मौसम विभाग द्वारा जारी की जाने वाली चेतावनियों के प्रति सजग रहें साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट सबंधी सूचनाओं को नियमित तौर से देखते रहे एवं अलर्ट के दौरान जारी की जाने वाली एडवायजरी में दिएनियमों का पालन करें। सर्दियों के आने से पहले गर्म कपड़े एवं एक से अधिक सतहों वाले कपड़े की व्यवस्था उचित मात्रा में करके रखें। आकस्मिक समय में काम आने वाली वस्तुओं की व्यवस्था पहले से करके रखें। ठण्ड के मौसम में विभिन्न तरह बीमारियां होने की स्थिति में तुरन्त चिकित्सक से सम्पर्क करते हुये उपचार करायें।
बुर्जगों एवं बच्चों का ख्याल रखें
सर्दी के मौसम में यात्रा कम से कम करें। अपने आप को सूखा रखें एवं एक से अधिक सतहों वाले ऊनी कपड़ों से शरीर व शरीर के अन्य भाग जैसे- सर, गला, हाथ एवं पैर को ढक कर रखें।
कोयला जैसी चीजों को न जलायें
घर के अन्दर गर्मी बनाये रखने हेतु कोयला जैसी चीजों को न जलायें यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह कार्बन मोनो ऑक्साइड उत्सर्जित करता है, जो कि बहुत जहरीला होता है। इससे कमरों के अन्दर रह रहे व्यक्तियों की जान भी जा सकती है। लम्बे समय तक ठण्डे मौसम के सम्पर्क में आने से बचें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि शराब से शरीर का तापमान घट जाता है एवं रक्त की धमनियां एवं शिरायें सिकुड जाती है, जिससे विशेषकर हाथों एवं पैरों में इसका असर दिखाई देता है और हाइपोथर्मियां की होने का खतरा बढ़ जाता है। फ्रॉस्ट बाइट (हिमदाह) वाली जगह को मालिश न करें, जिससे प्रभावित अंगों को नुकसान बढ़ सकता है। ठण्ड से प्रभावित व्यक्ति को कोई पेय पदार्थ न पिलायें जब तक कि वह पूर्ण होश में न हों।

Today Warta