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सरकारी सिस्टम की सुस्ती से बदायूं में मजबूरी की लाठी बनीं आत्मदाह की घटनाएं

السبت، 4 مارس 2023

/ by Today Warta



दायूं ।जनपद के सरकारी कार्यालयों में जाकर आत्मदाह जैसी घटनाएं होना आम बात हो गई हैं एक के बाद एक आत्मदाह की घटना हो रही है। अब तो जनता भी योगी सरकार से सवाल करने लगी है क्या सरकारी सिस्टम इतना सुस्त हो चुका हैए क्या जिम्मेदार अधिकारी भी तभी सुनते हैं जब इंसान आत्मदाह जैसी स्थिति को मजबूर हो जाता है। आखिर यह आत्मदाह जैसी घटनाएं सरकारी कार्यालयों में कब तक होंगी। पिछले सवा साल में एक के बाद एक करके पांच घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें दो लोगों को जान तक गंवानी पड़ी और दो लंबे इलाज के बाद ठीक हुए। एक को आग लगाने पर रोक लिया गया। इससे लगता है कि जनता भी समझ चुकी है सिस्टम आसानी से पीड़ित की नहीं सुनता है इसीलिए आत्मदाह जैसी घटना मजबूरी की लाठी बन चुकी है। अगर सरकारी सिस्टम आगे नहीं जागा तो जनता के लिए आत्मदाह जैसी घटनाएं एक तरह से दबाव का फंडा बन जाएंगी।

बदायूं की बिसौली तहसील परिसर में शुक्रवार को डीजल छिड़कर आत्मदाह करने की किसान दिनेश ने कोशिश की। लेखपाल सहित तहसील प्रशासन की प्रताड़ना से किसान दिनेश ने आत्मदाह की कोशिश तहसील परिसर में एसडीएम के सामने की। अगर उस वक्त जरा सी निगाह चूकती तो जिले में आत्मदाह की फिलहाल में तीसरी घटना हो जाती। अच्छा हुआ एसडीएम ज्योति शर्मा की इस पर नजर पड़ गई और अर्दली सहित गार्ड से किसान दिनेश को पकड़वाकर आग लगाने से रोक लिया। एसडीएम के समझाने और सुनवाई करने के बाद दिनेश घर चला गया। किसान ने हल्का लेखपाल की प्रताड़ना को साफ.साफ बताया है। बतादें कि बिसौली तहसील परिसर की यह घटना हो या फिर इससे पहले की घटनाएं हों। सभी घटनाएं पुलिस और प्रशासन के सिस्टम में तैनात जिम्मेदारों से प्रताड़ित होने के बाद पीड़ितों ने की हैं। बिसौली की घटना के बाद समाज के लोगों ने उत्तर प्रदेश की सरकार एवं जिम्मेदार अफसरों से सवाल करना शुरू कर दिए हैं कि आखिर जनता की बात को सरकारी सिस्टम में क्यों नहीं सुनवाई की जाती है। अगर सुनवाई समय पर हो जाए तो लोगों को आत्मदाह जैसी घटना की नौबत नहीं झेलनी पड़े।


यह था मामला

शुक्रवार को बिसौली तहसील के गांव दबथरा निवासी दिनेश चन्द्र यादव पुत्र लालमन एसडीएम से शिकायत करने तहसील पहुंचा लेकिन कई घंटों तक खड़े रहने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। जब पीड़ित ने एसडीएम बिसौली को तहसील परिसर से जाते देखा तो सुनवाई न होने से आहत होकर एसडीएम ज्योति शर्मा के सामने डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। तहसील परिसर में मौजूद होमगार्ड व अर्दली ने आनन फानन में युवक को पकड़ा और आग लगाने से बचाया। पीड़ित ने बताया कि लेखपाल ने उसकी जमीन पर चकरोड निकाल दिया है। शिकायत करने पर लेखपाल फर्जी मुकदमें में फंसाने की धमकी दे रहा है। जिसकी शिकायत डीएम से कीए डीएम ने एसडीएम के पास भेजा और कोई सुनवाई नहीं की। सुनवाई नही होने पर आहत होकर मजबूरन आत्मदाह का प्रयास किया। बाद में समझाकर सुनवाई का आश्वासन दिया और मामला निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कराई। इसके बाद व्यक्ति को घर भेज दिया।

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