देश

national

उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की मासिक बैठक व काव्य गोष्ठी सम्पन्न

الثلاثاء، 11 أبريل 2023

/ by Today Warta



इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र

ललितपुर। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की मासिक बैठक एवं काव्य गोष्ठी आत्माराम रिछारिया के आजादपुरा स्थित आवास पर सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष विनोद शर्मा ने की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में गंधर्व सिंह लोधी बाबू उपस्थित रहे। बैठक का शुभारम्भ कवि अखिलेश शांडिल्य ने सरस्वती वन्दना प्रस्तुत करके किया। कवि शीलचन्द्र जैन ने रचना पढ़ी, बचपन मुझको बुला रहा है फिर से अंगनाई में। करते थे जब धमाचौकड़ी, खुश थे छुपा छुपाई में। शकील मास्टर शकील ने मैं तुझ पे कुर्बान मेरे हिंदुस्तान गीत पढ़ा। इसी क्रम में नवोदित कवियत्री शिवानी झा ने पढ़ा, कितना सुन्दर कितना बेहतर देखो देश हमारा, खुशहाली अमन मुहब्बत का हर दम रहता उजियारा। के के पाठक ने रचना पढ़ी-मम्मी डैडी गए हैं बाहर घर पर आना तुम. हम तुम मिल कर बात करेंगे न शर्माना तुम। कवि पंकज अंगार ने रचना पढ़ी, ढाल देते हैं ऐसे अंदाज में अल्फाजों को, है हमारे दिल में जां ये कारखाना इश्क का। कवि अखिलेश शांडिल्य ने रचना पढ़ी, जिन्हें सद्गुरु मिले सच्चे वे भव से पार जाते हैं, निकल कर मुश्किलों से मंजिलों के द्वार पाते हैं। कवि सतीश जैन सरल ने पढ़ा मिला है जॉ कुछ भी उस रब से, वो साब कुछ स्वीकार करो.मानव हो तो हर मानव से प्यार करो बस प्यार करो। संस्था के संयोजक महेश नामदेव ने रचना पढ़ी, हो न आकुल इस जगत में जीव कोई, हर आँख में करुणा दया का नीर दो मां। वरिष्ठ कवि सुदेश सोनी ने पढ़ा चाहते तुम तो बना सकते थे विष को अमृत, बात इतनी है कि पीना नहीं आया तुमको। कवि पी एन पस्तोर ने बुन्देली में पढ़ा, भाई भाई के विवाद में घर घर हो रव सम्पट सौरा। गोष्ठी का संचालन कर रहे संस्था के संरक्षक बृजमोहन संज्ञा ने पढ़ा भार को देखकर आधार बदलना सीखो, वक्त को देखकर व्यवहार बदलना सीखो. जिन्दगी ज्वार है हठ कि तो डूब जाओगे, अरे धार को देख के पतवार बदलना सीखो। अध्यक्ष विनोद शर्मा ने पढ़ा अगर मैं सच कहूँ तो लोग नफरत मुझसे करते हैं, अगर में चुप रहूं तो खुद से नफरत मुझको होती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संस्था के संरक्षक बाबू गंधर्व सिंह लोधी ने कहा संस्था को इस प्रकार कि गोष्ठीयां हमेशा करते रहना चाहिए और संस्था से नए पुराने सभी कवियों को जोडऩा चाहिए। कार्यक्रम के अंत में आत्माराम रिछारिया जी ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Don't Miss
© all rights reserved
Managed by 'Todat Warta'