आत्माराम त्रिपाठी
बांदा संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संत कबीर अकादमी, मगहर एवं अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान, चित्रकूट के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 2 अगस्त 2026 से 11 अगस्त 2026 तक आयोजित “निर्गुण स्वर कबीर गायन कार्यशाला” का शुभारम्भ आज संकट मोचन मंदिर, बड़ोखर बुजुर्ग, जनपद बांदा (उ.प्र.) में विधिवत सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ अखिल भारतीय समाज सेवा संस्थान, चित्रकूट के संस्थापक गोपाल भाई एवं संस्थान के महामंत्री तथा ग्रामोदय विश्वविद्यालय, चित्रकूट के संगीत विभाग के प्रभारी एल. आर. शुक्ल एवं बड़ोखर गांव के प्रबुद्ध धनी राम कुशवाहा के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। साथ ही सहयोगी कार्यकर्ता कुंवर अरुण प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे।
अपने उद्बोधन में अतिथियों ने संत कबीर की वाणी एवं निर्गुण भक्ति परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसी कार्यशालाएँ नई पीढ़ी को भारतीय लोक एवं संत परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला का भरपूर लाभ उठाने तथा कबीर की मानवीय एवं समरसतापूर्ण शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
कार्यशाला में वरिष्ठ लोकगायक रामदीन प्रशिक्षक के रूप में प्रतिभागियों को निर्गुण कबीर गायन की पारंपरिक शैली, स्वर, लय तथा भावाभिव्यक्ति का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। दस दिवसीय इस कार्यशाला में क्षेत्र के अनेक युवा कलाकार एवं संगीत प्रेमी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य संत कबीर की निर्गुण वाणी, लोकसंगीत परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए युवा पीढ़ी में लोक कलाओं के प्रति रुचि एवं संवेदनशीलता विकसित करना है।








