इन्द्रपाल सिंह’प्रिइन्द्र’
हिन्द टुडे वार्ता/ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा में प्रशासनिक फेरबदल का दौर लगातार जारी है। हाल ही में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रमेश कुमार के स्थानांतरण के बाद अब विकासखंड में लंबे समय से कार्यरत तीन ग्राम विकास अधिकारियों (पंचायत सचिवों) का भी स्थानांतरण कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद पूरे विकासखंड में चचार्ओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों से लेकर ग्राम पंचायतों तक तबादले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
जिला विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्राम विकास अधिकारी तुषार कटारिया तथा इन्द्रेश कुमार गौतम का स्थानांतरण विकासखंड बिरधा किया गया है, जबकि महेंद्र कुमार को विकासखंड महरौनी भेजा गया है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए भेजा जाए। बताया गया है कि यह स्थानांतरण प्रशासनिक आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरांत किया गया है।
काफी समय से चल रही थी तबादलों को लेकर खींचतान
विकासखंड मड़ावरा में पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर पिछले कई महीनों से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर खींचतान की स्थिति बनी हुई थी। क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय रहा। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न जनप्रतिनिधियों, जनसंगठनों और ग्रामीणों की ओर से समय-समय पर पंचायत सचिवों की कार्यशैली एवं लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर सवाल उठाए जाते रहे।
बताया जाता है कि कुछ समय पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा संबंधित पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की मांग करते हुए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। वहीं दूसरी ओर, एक जिला पंचायत सदस्य ने संबंधित अधिकारियों के पक्ष में एक राज्यमंत्री से समर्थन पत्र भी दिलवाया था। इस कारण स्थानांतरण का मुद्दा लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक चचार्ओं का केंद्र बना रहा।
उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई चचार्एं
बीते मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मड़ावरा क्षेत्र के कुछ ग्राम प्रधानों तथा संगठन के कार्यकतार्ओं ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद क्षेत्र में यह चर्चा और तेज हो गई कि पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को गति मिलने के पीछे यह मुलाकात भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है जिसमें इन दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से जोड़ा गया हो। इसलिए इस संबंध में किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह स्थानीय स्तर पर चल रही चचार्ओं का विषय बना हुआ है।
अब सबकी निगाहें कार्यमुक्ति और आगे की कार्रवाई पर
स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती पर भेजा जाएगा या फिर पूर्व की तरह किसी स्तर पर आदेश में संशोधन अथवा निरस्तीकरण की स्थिति उत्पन्न होगी। इसको लेकर भी विकासखंड में चचार्एं जारी हैं।
प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि आदेश का समयबद्ध अनुपालन होता है तो जल्द ही नए ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती के साथ विकासखंड की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं ग्रामीणों की अपेक्षा है कि नई व्यवस्था के बाद पंचायतों में विकास कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर विकासखंड मड़ावरा ही नहीं, बल्कि जनपद के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में संबंधित अधिकारियों की कार्यमुक्ति, नए अधिकारियों की तैनाती और विभागीय कार्रवाई की दिशा इस पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट करेगी।
मड़ावरा में तीन ग्राविअ का स्थानांतरण : लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच प्रशासनिक फैसले ने बढ़ाई चचार्एं
By Suresh Pal
On: August 5, 2026 9:55 PM
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