ग्रामीणों ने बरसात बाद पक्की सडक निर्माण की उठाई मांग
राजीव कुमार जैन
हिन्द टुडे वार्ता/ललितपुर। महरौनी से जखौरा गांव को जोडऩे वाला संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह सडक अब गहरे गड्ढों और कीचड़ युक्त दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ विद्यार्थियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामवासियों ने एक बार फिर प्रदेश सरकार एवं प्रशासन से सडक का शीघ्र निर्माण कराए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों के अनुसार जखौरा गांव से महरौनी तहसील मुख्यालय की दूरी मात्र साढ़े तीन किलोमीटर है। लगभग सात वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री सडक योजना के अंतर्गत करीब एक किलोमीटर सडक का निर्माण कराया गया था, लेकिन शेष लगभग ढाई किलोमीटर मार्ग आज भी कच्चा है और बरसात के दौरान दलदल एवं गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाता है। ऐसे में राहगीरों, किसानों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं को आवागमन में रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सडक निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। यहां तक कि सांसद को भी प्रार्थना पत्र सौंपा जा चुका है, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामवासियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं शासन-प्रशासन से मांग की है कि फिलहाल बरसात के मौसम को देखते हुए गड्ढों से भरे मार्ग पर मुरम एवं मिट्टी डलवाकर आवागमन सुगम कराया जाए तथा वर्षा समाप्त होने के बाद शेष ढाई किलोमीटर संपर्क मार्ग का पक्की सडक के रूप में शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके!








