कलेक्ट्रेट व विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में उपस्थिति जांची
पीलीभीत। समयपालन और कार्य संस्कृति को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने गुरुवार सुबह कलेक्ट्रेट और विकास भवन स्थित विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 10:20 बजे हुए निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट, जिला पंचायत, निर्वाचन कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय, ट्रेजरी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय, डूडा, मत्स्य विभाग, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, जिला पूर्ति कार्यालय तथा पीओ पीआरडी कार्यालय का निरीक्षण कर उपस्थिति पंजिकाओं का अवलोकन किया।जांच में कलेक्ट्रेट से 12, जिला पंचायत से 15, निर्वाचन कार्यालय से दो, समाज कल्याण विभाग से एक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय से एक, ट्रेजरी से सात, जिला पूर्ति कार्यालय से सात, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय से एक, डूडा कार्यालय से दो, मत्स्य विभाग से एक, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से पांच, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से तीन, पीओ पीआरडी कार्यालय से दो तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से एक कर्मचारी अनुपस्थित मिला। इस प्रकार कुल 60 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए।इसके अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, अपर मुख्य विकास अधिकारी, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा), सहायक अभियंता (ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा), पीडी डीआरडीए तथा जिला मत्स्य अधिकारी भी निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले।जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने तथा कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालयों में समयपालन और कार्य के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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