रोहिताश पाण्डेय ने संभागीय खाद्य नियंत्रक को भेजा पत्र
पीलीभीत। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीद शुरू होने से पहले हैंडलिंग श्रमिकों के हितों को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। पूरनपुर क्षेत्र के ग्राम देवीपुर निवासी रोहिताश पाण्डेय ने संभागीय खाद्य नियंत्रक, बरेली मंडल को पत्र भेजकर धान क्रय नीति के प्रावधान 19.3 का कड़ाई से पालन कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि हैंडलिंग ठेकेदारों को भुगतान किए जाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि क्रय केंद्रों पर कार्य करने वाले सभी श्रमिकों को उनकी मजदूरी आॅनलाइन माध्यम से अदा की गई है।पत्र में रोहिताश पाण्डेय ने बताया कि धान क्रय नीति 2026-27 के प्रावधान 19.3 के अनुसार प्रत्येक धान क्रय केंद्र पर हैंडलिंग श्रमिकों की उपस्थिति पंजिका रखी जाएगी, जिसमें कार्यरत मजदूरों का नाम, पिता का नाम, पता, आधार कार्ड संख्या एवं मोबाइल नंबर दर्ज रहेगा। संबंधित हैंडलिंग ठेकेदार को यह सूची केंद्र प्रभारी को उपलब्ध करानी होगी तथा यदि किसी श्रमिक में परिवर्तन होता है तो संशोधित सूची भी देना अनिवार्य होगा।उन्होंने कहा कि नीति में स्पष्ट उल्लेख है कि संबंधित ठेकेदार को भुगतान जारी करने से पहले यह प्रमाणित किया जाएगा कि सभी श्रमिकों को उनकी मजदूरी आॅनलाइन माध्यम से उनके खातों में भेज दी गई है। इसके बावजूद यदि इस व्यवस्था का पालन नहीं किया गया तो श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।रोहिताश पाण्डेय ने संभागीय खाद्य नियंत्रक से अनुरोध किया है कि सभी हैंडलिंग ठेकेदारों को निर्देशित किया जाए कि केंद्र प्रभारी द्वारा प्रमाणित उपस्थिति पंजिका के आधार पर ही श्रमिकों का आॅनलाइन भुगतान करें और उसके बाद ही ठेकेदारों के बिलों का भुगतान किया जाए। उनका कहना है कि इससे मजदूरों को समय पर पारदर्शी भुगतान मिलेगा तथा सरकार की मंशा के अनुरूप श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ प्राप्त हो सकेगा।उन्होंने अपने पत्र में कहा कि यदि धान खरीद नीति के इन प्रावधानों का ईमानदारी से पालन कराया जाता है तो लाखों रुपये की मजदूरी सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी। उन्होंने संभागीय खाद्य नियंत्रक से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।ज्ञात हो कि धान क्रय नीति 2026-27 के प्रावधान 19.3 में यह व्यवस्था दी गई है कि हैंडलिंग ठेकेदार द्वारा केंद्र पर लगाए जाने वाले सभी श्रमिकों का पूरा विवरण केंद्र प्रभारी को उपलब्ध कराया जाएगा तथा ठेकेदार को भुगतान से पूर्व श्रमिकों को आॅनलाइन भुगतान किए जाने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसी प्रावधान के प्रभावी अनुपालन की मांग को लेकर यह पत्र भेजा गया है।
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