पूरनपुर/पीलीभीत। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत चंदिया हजारा में शारदा नदी का भीषण भू-कटान ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नदी के तेज बहाव के चलते लगातार कृषि भूमि कटकर नदी में समा रही है। देखते ही देखते दर्जनों किसानों की उपजाऊ जमीन नदी की धारा में विलीन हो चुकी है। कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। किसानों को आशंका है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बड़ी मात्रा में कृषि भूमि नदी की चपेट में आ सकती है।रविवार को ग्राम पंचायत सदस्य शिव प्रसाद मजूमदार के नेतृत्व में एक टीम ने कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने नदी किनारे पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। किसानों ने बताया कि लगातार हो रहे कटान के कारण उनके खेतों का बड़ा हिस्सा नदी में समा चुका है। कई किसानों के सामने अब अपनी शेष जमीन को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। नदी का रुख आबादी और कृषि भूमि की ओर होने से खतरा और गंभीर हो गया है। यदि समय रहते कटानरोधी कार्य नहीं कराए गए तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि खेती ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है और जमीन के नदी में समा जाने से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो सकता है।ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने तथा प्रभावित किसानों को उचित राहत और मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भयावह हो सकती है। शारदा नदी के लगातार बढ़ते कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।
शारदा का कहर, दर्जनों किसानों की उपजाऊ भूमि नदी में समाई
By Suresh Pal
On: August 9, 2026 10:09 PM
ads








