उन्नाव। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के सफियापुर गांव में बुधवार सुबह झाड़ियों के बीच पड़े एक बैग से नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। बैग खोलने पर उसमें एक नवजात बच्ची जीवित अवस्था में मिली। ग्रामीणों ने तुरंत उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सफीपुर पहुंचाया।
चिकित्सकों ने बच्ची का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें उसकी हालत सामान्य पाई गई। बेहतर चिकित्सकीय देखभाल के लिए चाइल्ड लाइन की टीम ने बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर जिला अस्पताल के एसएनसीयू (रठउव) में भर्ती कराया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
घटना की जानकारी फैलते ही कई परिवारों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जताई। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभिरक्षा और गोद लेने की पूरी प्रक्रिया जुवेनाइल जस्टिस (बाल संरक्षण) अधिनियम तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही पूरी की जाएगी।
उधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और घटनास्थल के आसपास से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को बैग में रखकर झाड़ियों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा।
फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और चिकित्सकीय निगरानी में है। पुलिस व बाल संरक्षण विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं ताकि जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।








