पुलिस-एसडीआरएफ ने किया संयुक्त मॉक ड्रिल
पीलीभीत। श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पीलीभीत पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में बुधवार को थाना हजारा क्षेत्र स्थित धनारा घाट पर पुलिस, एसडीआरएफ, गोताखोरों और निजी नाविकों ने संयुक्त रूप से व्यापक मॉक ड्रिल (पूर्वाभ्यास) कर किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा।क्षेत्राधिकारी पूरनपुर विधि भूषण मौर्य की मौजूदगी में आयोजित इस पूर्वाभ्यास में जल भरने या स्नान के दौरान श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के नदी में फंसने अथवा डूबने जैसी संभावित घटनाओं से निपटने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू टीम ने नावों और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान का सफल प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है।मॉक ड्रिल के दौरान आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया गया। ड्रोन कैमरे के माध्यम से धनारा घाट और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने घाट पर मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संवेदनशील स्थानों की पहचान की तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।पूर्वाभ्यास के दौरान पुलिस एवं राहत-बचाव दल के बीच बेहतर समन्वय,त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी रेस्क्यू आॅपरेशन की रणनीति पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने सभी जवानों को किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।इस अवसर पर थाना हजारा प्रभारी निरीक्षक शरद यादव, एसडीआरएफ 23वीं बटालियन मुरादाबाद की टीम, प्रशिक्षित गोताखोर, निजी नाव चालक एवं बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सभी ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभ्यास में भाग लेकर अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया।श्रावण मास में धनारा घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में जनहानि रोकना, राहत कार्यों को तेज गति से संचालित करना तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे घाट पर सुरक्षा नियमों का पालन करें, प्रशासन के निदेर्शों का अनुपालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस अथवा राहत-बचाव दल को सूचना दें।








