तीन दोषी करार, 3-3 साल की सजा और 6-6 हजार जुमार्ना
आत्माराम त्रिपाठी
बांदा गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज एक पुराने मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट श्रीपाल सिंह ने राहुल पुत्र भृगुनाथ प्रसाद सोनी, धर्मपाल सिंह पुत्र रामचरण उर्फ रामभरोसे और अश्वनी सोनी पुत्र जगरूप सोनी को 3-3 वर्ष के कठोर कारावास और 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुमार्ना न देने पर दो-दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
यह मामला वर्ष 2014 का है। थाना कोतवाली नगर में वादी विवेकानंद तिवारी ने मु0अ0सं0 475/2014 के तहत गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। अभियोजन के अनुसार तीनों एक संगठित गिरोह के सदस्य थे जो अपराध कर आर्थिक लाभ कमाते थे। इनके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज थे और ये क्षेत्र में भय का माहौल बनाते थे।
विशेष लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने बताया कि विवेचना उप निरीक्षक शिवमिलन और संतराम ने की। गैंग चार्ट तैयार कर सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। 17 अगस्त 2015 को आरोप तय हुए। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 6 गवाह पेश कर साक्ष्य कराए। पैरोकार अभिलाष यादव और कोर्ट मोहर्रिर रघुनाथ व अमित की पैरवी से साक्ष्य समयबद्ध पूरे कराए गए।
न्यायालय ने मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी पाया और सजा सुनाई।








