पैर में गोली लगने से तीन आरोपी घायल, जिला अस्पताल में चल रहा उपचार
मंगलवार की सुबह तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खादी में हुई मुठभेड़
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं सदर क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में फरार चल रहे पुरस्कार घोषित अपराधियों की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई थी। फरार चल रहे आरोपियों की तालबेहट क्षेत्र में होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम पुलिस विभाग के आलाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गयी। पुलिस को आता देख आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायर झौंक दिया। गलीमत रही पुलिस बाल-बाल बच गयी। जवाबी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीम द्वारा चलायी गयी गोली लगने से पुरस्कार घोषित आरोपी इंद्रपाल उर्फ इंदल यादव (26) निवासी सिद्धनपुरा, दीपक यादव (30) निवासी बंदरगुड़ा, थाना जाखलौन तथा पुष्पराज सेंगर उर्फ राज राजा (27) निवासी रामनगर के पैर में गोली लगने से वह घायल होकर गिर गये। पुलिस द्वारा घायलों को उपचार के लिये जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। तालबेहट कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ पुलिस के साथ मुठभेड़ करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से अवैध हथियार , खाली खोखा व जिंदा कारतूस बरामद कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
वर्ष 2023 की रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वर्ष 2023 में मृतक घनश्याम यादव के परिवार से उनका विवाद और मारपीट हुई थी, जिसमें उनके पक्ष के लोगों को चोटें आई थीं। उसी रंजिश के चलते उन्होंने 28 जुलाई 2026 को कृष्णपाल यादव को आईटीआई के पास जेसीबी मशीन चलाने के बहाने बुलाकर मारपीट की। इसके बाद कृष्णपाल के माता-पिता को फोन कर दुर्घटना का बहाना बनाकर बुलाया और रास्ते में लोहे की रॉड व सब्बल से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इलाज के दौरान कृष्णपाल के पिता घनश्याम यादव (65) की झांसी में मृत्यु हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी फरार होकर छिपते फिर रहे थे।
जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल हुई घनश्याम की हुई थी मौत
घटना के बाद कृष्णपाल की पत्नी ने कोतवाली ललितपुर में तहरीर देकर आरोपियों पर अवैध रुपयों की मांग, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। प्रारंभिक रूप से विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन घनश्याम यादव की इलाज के दौरान मौत होने पर मुकदमे में हत्या की धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित की गई थीं।
यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो अवैध देशी तमंचे .315 बोर, एक अवैध देशी तमंचा 12 बोर, दो जिंदा कारतूस तथा चार खोखा कारतूस बरामद किए हैं।
इन टीमों ने की कार्रवाई
इस संयुक्त अभियान में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, तालबेहट प्रभारी निरीक्षक अशोक वर्मा, पूराकलां थानाध्यक्ष अजमेर सिंह भदौरिया तथा स्वाट टीम शामिल रहे। अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं और उनके विरुद्ध पूर्व से भी आपराधिक इतिहास दर्ज है।








