लखनऊ। क्राइम ब्रांच ने एयरपोर्ट के सेवानिवृत्त निदेशक भोलानाथ प्रसाद भगत को डिजिटल अरेस्ट कर 70 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ठगों के तीन बैंक खातों में 35 लाख रुपये भी फ्रीज कराए गए हैं। एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक आरोपी लोगों को सिम कार्ड बेचने के दौरान धोखे से उनके दस्तावेजों पर दूसरे सिम एक्टिवेट करा लेते थे। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी दूसरे के नाम से लिए गए सिम कार्ड का इस्तेमाल ठगी में करते थे। आरोपियों के पास से 110 सिम, तीन मोबाइल फोन और 144 यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मूलरूप से आजमगढ़ के बांसगांव निवासी प्रवीण श्रीवास्तव और राजाजीपुरम निवासी सुमित कुमार रावत को गिरफ्तार किया। प्रवीण चंद्रोदयनगर पारा में रह रहा था। पुलिस का कहना है कि भोलानाथ को 16 से 22 जुलाई तक डिजिटल अरेस्ट कर 70 लाख रुपये वसूले गए थे। छानबीन में जिस नंबर से भोलानाथ को फोन किया गया था, उसके बारे में पता किया गया। पड़ताल में सामने आया कि जिसके नाम से सिम लिया गया था वह उसका इस्तेमाल ही नहीं कर रहा है। पुलिस के मुताबिक राजाजीपुरम निवासी जियो का सिम बेचने वाले सुमित कुमार रावत ने एयरटेल सर्विस प्रोवाइडर ईशू से बात की थी। ईशू ने सुमित को एयरटेल के 100 सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे।
पूछताछ में सुमित ने बताया कि जो लोग उसके पास सिम लेने आते थे उनके दस्तावेज का दुरुपयोग करता था। इसके बाद लोगों को जियो सिम कार्ड दे देता था। बाद में लोगों के दस्तावेज पर एयरटेल का सिम जारी करा लेता था। यही नहीं, सिम कार्ड को ई सिम में बदलकर क्यूआर कोड तैयार करता था। आरोपी ने बताया कि प्रति सिम 325 रुपये के हिसाब से वह इसे प्रवीण को बेच देता था। प्रवीण ने बताया कि वह विदेश में बैठे साइबर ठगों को प्रति सिम 50 डॉलर में बेचता था। अमेरिका, चीन, थाईलैंड, कंबोडिया में बैठे साइबर ठग इन्हीं सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर क्राइम में करते थे।
ठगों के खातों में 35 लाख रुपये फ्रीज, दो आरोपी गिरफ्तार
By Suresh Pal
On: July 30, 2026 11:09 PM
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