नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नीट-पीजी एडमिशन प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा और आंतरिक आॅडिट के लिए की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी बनाई गई है। सरकार का कहना है कि कट-आॅफ कम करना पहले भी होता रहा है और इसका उद्देश्य खाली सीटों को भरना है, जबकि याचिकाकतार्ओं का दावा है कि इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने नीट-पीजी के माध्यम से होने वाली पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया के मौजूदा सिस्टम का व्यापक आंतरिक आॅडिट कराने के लिए डायरेक्टर जनरल आॅफ हेल्थ सर्विसेज (ऊॠऌर) की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करना, उसकी कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान सुझाना होगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ नीट-पीजी 2025 की क्वालिफाइंग परसेंटाइल कट-आॅफ में की गई कमी को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के मौखिक निदेर्शों के बाद 23 जुलाई को एक अधिसूचना जारी कर 12 सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी बनाई गई है। इस समिति की अध्यक्षता ऊॠऌर करेंगे।सरकार के अनुसार समिति नीट-पीजी माध्यम से होने वाली एडमिशन प्रक्रिया के मौजूदा सिस्टम का आंतरिक आॅडिट करने की रूपरेखा तैयार करेगी। साथ ही, मौजूदा व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उनके लिए व्यवहारिक और लागू किए जा सकने वाले समाधान सुझाएगी।
नीट-पीजी में कट-आफ घटाने पर विवाद: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती पर केंद्र ने बनाई हाई-पावर्ड कमेटी
By Suresh Pal
On: August 4, 2026 10:16 PM
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