यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर करने की घोषणा की, जिसका श्रेय उन्होंने पिछली सरकारों द्वारा हटाए गए नाम को वापस लाने को दिया। उन्होंने इटावा में भाजपा सरकार की अपराध के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति के कारण हुए सकारात्मक बदलावों पर भी प्रकाश डाला, जो क्षेत्र में निवेश और पहचान के संकट को दूर कर रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को घोषणा की कि भदोही जिÞले का नाम बदलकर संत रविदास नगर कर दिया जाएगा। वाराणसी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने संत गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर स्थापित जिÞले का नाम तक हटाने का पाप किया था। अब भदोही को एक बार फिर संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा। उत्तर प्रदेश का भदोही शहर और जिÞला, जो दक्षिण एशिया के सबसे बड़े हाथ से बुने हुए कालीन उद्योग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘कारपेट सिटी’ के तौर पर जाना जाता है, वाराणसी (जो पूर्व में 45 किमी दूर है) और प्रयागराज के बीच गंगा नदी के मैदानी इलाके में बसा है। इसके अलावा, रविवार को योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इटावा में अब डर या दहशत का माहौल नहीं है और वहां के युवाओं को अब पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय अपराध और अपराधियों के प्रति बीजेपी सरकार की ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति को ंदिया। इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले यह जिÞला पहचान के संकट से जूझ रहा था, और डर व असुरक्षा के कारण लोग वहां आने-जाने और निवेश करने से कतराते थे। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले इटावा के सामने पहचान का संकट किसने खड़ा किया था? इटावा से जीतने वाले लोगों ने ही यह संकट पैदा किया था। अगर इटावा में पहचान का संकट है, तो यह उत्तर प्रदेश का संकट बन जाएगा। लोग इस रास्ते से गुजरने से डरते थे। इतना डर और दहशत थी कि सिर्फ़ इटावा का नाम सुनकर ही होटलों में कमरे नहीं मिलते थे; निवेश के नाम पर कुछ भी नहीं था। कोई यहाँ आने के बारे में सोचता भी नहीं था।
मुख्यमंत्री ने 2017 में सत्ता में आने के बाद अपराध के खिलाफ सख़्त रुख अपनाने और ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति के अपने वादे को पूरा करने का श्रेय इखढ सरकार को दिया। उन्होंने कहा कि इसलिए, जब 2017 में प्रधानमंत्री के आह्वान पर आप सभी ने अपने इलाके में इखढ के कमल को खिलने दिया, तो इखढ ने संकल्प लिया था कि हम अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति के तहत काम करेंगे। इखढ ने जो कहा, उसे करके दिखाया है। जिन लोगों ने संकट पैदा किया था, आज उनके सामने ही पहचान का संकट खड़ा हो गया है।
पूर्ववर्ती सरकारों ने किया था अन्याय!: योगी
By Suresh Pal
On: July 30, 2026 11:35 PM
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