पीलीभीत। नगर पालिका परिषद पीलीभीत द्वारा बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के की जा रही कार्रवाई के खिलाफ उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मोर्चा खोल दिया है। व्यापारी संगठन के जिलाध्यक्ष शैली अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि लगभग 24 वर्षों से व्यापार भवन पूरी तरह व्यापार मंडल के वैधानिक कब्जे में है। पालिका प्रशासन अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छुपाने के लिए जबरन दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाध्यक्ष शैली अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता नीलेश चतुवेर्दी के माध्यम से नगर पालिका पीलीभीत को एक विस्तृत जनसूचना आवेदन प्रेषित कर सीधे बैकफुट पर ला खड़ा किया है। इस विधिक आवेदन में पालिका से पूछा गया है कि जब पालिका अध्यक्ष खुद फाइलें गायब होने की बात स्वीकार रही हैं, तो सरकारी दस्तावेज गायब होने पर अब तक पुलिस में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई गई ? इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है ? आवेदन में यह भी पूछा गया है कि वर्ष 2000 से लेकर आज तक क्या कभी आवंटी व्यापार मंडल को किराया निर्धारण, बकाया वसूली या कोई ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया ? यदि हाँ, तो उसके साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएं। व्यापार मंडल ने सवाल उठाया कि बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने से पूर्व वर्तमान में काबिज पक्ष को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत अपना पक्ष रखने का कोई अवसर क्यों नहीं दिया गया ? जिलाध्यक्ष शैली अग्रवाल ने साफ किया कि उन्हें 23 मई 2026 को संगठन का प्रभार मिला है। इसके उपरांत तत्कालीन जिलाध्यक्ष अनूप अग्रवाल द्वारा व्यापार भवन की चाबियां और कब्जा उनको 24 जून को सौपकर इसकी लिखित सूचना 07 जुलाई को नगर पालिका कार्यालय को विधिवत दी गई थी, जिसकी आधिकारिक रिसीविंग मुहर और हस्ताक्षर संगठन के पास सुरक्षित हैं। ऐसे में पालिका द्वारा बिना किसी लिखित विधिक नोटिस के जबरन हस्तक्षेप का प्रयास पूरी तरह गैर-कानूनी है।उन्होंने कहा कि इस मामले में कड़ा रुख अपनाया जायगा और व्यापार मंडल के पूर्व बकाया आदि के संबंध में पूर्व जिलाध्यक्षों की जबाबदारी भी तय की जाएगी।
बिना कानूनी प्रक्रिया नगर पालिका की कार्रवाई पर व्यापारियों ने खोला मोर्चा
By Suresh Pal
On: August 6, 2026 9:11 PM
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