राजधानी में रियल एस्टेट कंपनी के चार पूर्व अधिकारियों पर 59 लाख के गबन का आरोप

Suresh Pal
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लखनऊ। राजधानी में रियल एस्टेट कंपनी के चार पूर्व अधिकारियों पर 59 लाख के गबन का आरोप है। पूर्व अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके 92 लाख का फ्लैट 59 लाख में बेच दिया। कोर्ट के आदेश पर विभूति खंड थाना पुलिस ने पांच आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की है। राजधानी लखनऊ में विभूतिखंड थाना क्षेत्र के पार्थ इंफ्राबिल्ड प्रा. लि. कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारी नीरज सिंह ने चार पूर्व अधिकारियों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करके 59 लाख रुपये के गबन का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बुधवार को पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नीरज सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में कंपनी में सावेज आलम मैनेजर सीआरएम, राहुल गुप्ता डीजीएमसीआरएम, मनीष कुमार सीआरएएम और अजय कुमार डीजीएम कोआर्डिनेशन के पद पर तैनात थे। आरोप है कि 12 जून 2023 को सावेज आलम ने बिना किसी सक्षम स्वीकृति के शशिकांत पांडेय के नाम पर 92 लाख का फ्लैट, 59 लाख में आवंटित कर दिया। आरोपी ने यह फ्लैट पार्थ आद्यान्त फेस-1, अशलेशा-सी में आवंटित किया था, जबकि इसकी रकम कंपनी को नहीं दी गई। इतना ही नहीं, आरोपी ने सात जुलाई 2023 की रात करीब 08:14 बजे उसी फ्लैट की लागत में अनाधिकृत संशोधन किया। इसके बाद छुट्टी पर चल रहे तत्कालीन वीपी (आॅपरेशंस) विक्रम शुक्ला की आईडी से संशोधन को स्वीकृत भी करा दिया। गबन में सावेज का साथ राहुल, मनीष और अजय ने भी दिया। इसके बाद सभी ने नौकरी छोड़ दी। कंपनी को इसकी जानकारी बीती 13 फरवरी को हुई, जब शशिकांत पांडेय उस फ्लैट पर कब्जा करने पहुंचा था। हालांकि, वह असफल रहा। 23 मई को आरोपी दोपहर करीब 12:30 बजे फिर पहुंचा था। आरोप है कि मामले की जानकारी पर जब प्रोजेक्ट हेड रवि कुमार तिवारी ने उसे रोकने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें हत्या की धमकी दी थी।

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