दो दिन पहले शराब की दुकान हटाने को लेकर हुआ था हंगामा
पूरनपुर, पीलीभीत। तहसील कलीनगर क्षेत्र के ग्राम नवदिया सुखदासपुर में आबादी के बीच संचालित देशी शराब एवं बीयर की दुकान के विरोध में महिलाओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। कलीनगर एसडीएम प्रमेश कुमार आबकारी विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे और प्रदर्शनकारी महिलाओं व ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। करीब एक घंटे तक चली वार्ता में ग्रामीणों ने गांव में शराब की दुकान से उत्पन्न हो रही समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।महिलाओं ने अधिकारियों को बताया कि शराब की दुकान के बाहर अक्सर लोग शराब का सेवन करते हैं और नशे की हालत में गाली-गलौज, हंगामा और अभद्र व्यवहार करते हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है तथा महिलाओं, छात्राओं और बच्चों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने कहा कि कई बार शराबियों की वजह से गांव में विवाद और घरेलू कलह जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं।इस पर एसडीएम प्रमेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि शराब की दुकान के बाहर किसी भी व्यक्ति को शराब पीने या अराजकता फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आबकारी विभाग और पुलिस को ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर उत्पात मचाता है या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करता है तो तत्काल डायल-112 पर सूचना दें, ताकि पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके।वार्ता के दौरान एसडीएम ने विरोध कर रही एक महिला से अलग से बातचीत कर प्रदर्शन का कारण भी जाना। महिला ने बताया कि उसका पति ट्रक चालक है। वह काम से लौटने के बाद शराब पीकर घर आया और उससे झगड़ा किया। इस घटना से आहत होकर उसने गांव की अन्य महिलाओं को साथ लेकर शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। महिला ने कहा कि गांव में दुकान होने से परिवारों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और कई घरों में आए दिन विवाद की स्थिति बन रही है।अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। शराब की दुकान के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही अराजक तत्वों पर निगरानी रखी जाएगी। आबकारी विभाग की ओर से भी नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।बातचीत और प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं संतुष्ट हो गईं और शांतिपूर्वक अपने घर लौट गईं। हालांकि ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में स्थिति में सुधार नहीं हुआ और शराबियों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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