राकेश केसरी
कौशाम्बी। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत करोड़ों रुपये जिले में पिछले पांच वर्षो में खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक जिला अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आपरेशन से प्रसव की सुविधा नहीं है। जिले में सिराथू,सरायअकिल, कड़ा, चायल,सेलरहा, शहजादपुर, सरसवा, कौशाम्बी आदि जगहो में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हैं। शासन के नियमों के मुताबिक इन केन्द्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि इन केन्द्रों पर सामान्य सुविधाएं भी नहीं है। ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत सबसे ज्यादा ध्यान प्रसव व जच्चा- बच्चा पर केन्द्रित किया गया, लेकिन अफसरों ने इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी। आलम यह है कि जिले की एक भी सीएचसी पर सामान्य प्रसव के अलावा अगर धोखे में भी आपरेशन की जरूरत पड़ जाएं, तो चिकित्सकों के पास रिफर करने के अलावा कोई चारा नहीं है। यही वजह है कि जिले की एक भी सीएचसी में अब तक आपरेशन से प्रसव की सुविधा शुरू नहीं हो सकी। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व उपकेन्द्रों के हालात बद से बदतर हैं, यहां चिकित्सक के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ तक ड्यूटी से नदारद रहता है और मजबूर होकर रोगियों को निजी स्वास्थ्य केन्द्रों की सुविधा लेने को मजबूर होना पड़ता है। इस संबध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 सुष्पेंन्द्र कुमार का कहना है कि आपरेशन के लिए कई जरूरतें होती है, जोकि अभी जिले में उपलब्ध नहीं है। इस वजह से जिला अस्पताल में ही आपरेशन की सुविधा है।

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