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सिर्फ 2 टांकों से डाल दी पैर में रॉड : डा.आकाश खैरा

السبت، 4 مارس 2023

/ by Today Warta



इन्द्रपाल सिंह'प्रिइन्द्र

सुप्रा-पटैलर नेलिंग तकनीकि से किया जनपद का पहला ऑपरेशन

उपलब्धि : 12 घण्टे में ही अपने पैरों पर खड़ा हो गया मरीज

ललितपुर। जनपद के इतिहास में पहली बार एक हड्डी के मरीज को विशेष पद्वति से ऑपरेशन कर ठीक किया गया। इसके लिये चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुप्रा-पटैलर नेलिंग पद्वति से ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी है। इस टीम में हड्डी एवं जोड़ रोग सर्जन डॉ.एके दिवाकर एवं डा.आकाश खैरा, निश्चेतना विशेषज्ञ डा.खेमचंद वर्मा और फिजियोथेरेपिस्ट डा.विक्रान्त तोमर शामिल रहे। जनपद के ऋषिराज अस्पताल के प्रभारी डा.विकास चौबे ने बताया कि यह उनके अस्पताल के लिये सुखद क्षण रहा। बिरधा के एक गरीब मरीज हरीराम अहिरवार के बायें पैर की टिबिया हड्डी बुरी तरह कई टुकड़ों में टूट गयी थी। फै्रक्चर के पास खून की नस के बन्द हो जाने का खतरा था। इलाज के बाद जल्द ही मरीज ने रिकवर कर लिया और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सका है। सुप्रा-पटैलर नेलिंग तकनीकि से किया गया जनपद का पहला ऑपरेशन है। यह जनपद की एक बड़ी उपलब्धि है। मरीज हरीराम अहिरवार निवासी कस्बा बिरधा ने अपने ऑपरेशन पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि डा.दिवाकर और डा.खैरा मेरे लिये भगवान बनकर आये हैं। उन्होंंने मेरे बुरी तरह टूटे पैर को इतनी जल्दी ठीक कर दिया है।

इस सुपर तकनीकि से यह हैं लाभ

सुप्रा-पटैलर नेलिंग तकनीकि से टिबिया हड्डी के जटिल फै्रक्चर को ठीक कर ज्यों का त्यों कर दिया गया है। इस पद्वति घुटने की संवेदनशील नस को नुकसान नहीं पहुँचता है। जबकि पहले ऐसे ऑपरेशन से नसों को नुकसान ज्यादा होता था। इससे घुटने के कार्टिलेज को भी बचाया जा सका है। ऐसे ऑपरेशन में रक्तस्राव भी बहुत कम होता है। पैर में सूजन या फफोलों (कम्पार्टमेंट सिण्ड्रोम) की संभावना भी नहीं रहती।

इटैलियन 'मीरौसÓ पद्वति से किया एक और जटिल ऑपरेशन

ऑर्थो सर्जन डॉ.एके दिवाकर ने बताया कि उन्होंने ऑर्थो सर्जन डॉ.आकाश खैरा के साथ रेडियस फै्रक्चर का एक ऑपरेशन इटैलियन मीरौस पद्वति से किया है। यह उत्तर मध्भारत में पहली बार यह पद्वति ललितपुर में इस्तेमाल की गयी है। जिसको देखकर इसके इटली निवासी विशेषज्ञ 'मारियो तंगारीÓ ने कहा कि इस रेडियस हड्डी का विश्व में पहली बार ऐसा ऑपरेशन हुआ है। मरीज गोविन्द की हड्डी मात्र डेढ़ माह में जुड़ गयी थी। वह अब पहले की तरह अपनी मजदूरी कर पा रहा है। विश्व भर के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने इस ऑपरेशन को अपने लिये प्रेरणादायक बताया और अब यह पद्वति पूरे विश्व में अपनाई जाने लगी है। डॉ.खैरा ने बताया कि ऐसे में विचारोपरान्त इटैलियन पद्वति से इटली से मंगाये उपकरणों से ऑपरेशन द्वारा इलाज करना तय किया गया। डॉ.दिवाकर के साथ किया यह ऑपरेशन सफल रहा।

इनका कहना है-

- हाथ की रेडियस हड्डी के ऐसे फै्रक्चर में विश्व में किसी चिकित्सा विशेषज्ञ ने ऐसा ऑपरेशन अब तक नहीं किया है। यह पहला अवसर है जब ऐसा ऑपरेशन सम्भव हुआ है। इस इटैलियन 'मीरौसÓ पद्वति से किया गया यह एक शानदार ऑपरेशन है। इसके लिये डॉ.एके दिवाकर और डॉ.आकाश खैरा बधाई के पात्र हैं।

- अस्थिरोग विशेषज्ञ 'डॉ.मारियो तंगारीÓ रोम-इटली।

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