कैंसर से लंबी जंग हारने वाले रसड़ा विधायक ने संघर्ष से सफलता तक तय किया था सफर, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर
इन्द्रपाल सिंह’प्रिइन्द्र’
लखनऊ/नई दिल्ली/ललितपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति से बुधवार को एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता एवं बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक उमाशंकर सिंह का दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही बसपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों तथा राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक थे। ऐसे में उनका निधन पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है। बलिया जनपद के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में समर्थक, शुभचिंतक और आमजन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
गरीबी और अभावों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और दूरदर्शिता के बल पर उन्होंने समाज में अलग पहचान बनाई। व्यवसाय के क्षेत्र में उन्होंने छात्र शक्ति कंपनी जैसी प्रदेश की प्रमुख निर्माण कंपनियों में से एक को स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय होकर जनसेवा को अपना उद्देश्य बनाया। अपने सहज, सरल, मिलनसार और मददगार स्वभाव के कारण उन्होंने जनता के बीच विशेष स्थान बनाया।
राजनीतिक जीवन में उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार जीत दर्ज कर अपनी मजबूत जनस्वीकृति का परिचय दिया। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र के विकास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। विधानसभा के भीतर और बाहर उनकी सक्रियता तथा जनता से सीधा संवाद उनकी पहचान बन गया था।
उनके निधन की सूचना मिलते ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनसेवा के कार्यों और संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उमाशंकर सिंह का निधन केवल बसपा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षति है। विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक होने के कारण उनकी भूमिका विशेष महत्व रखती थी। उनके निधन से पार्टी को संगठनात्मक और विधायी दोनों स्तरों पर बड़ा झटका लगा है।
परिजनों के अनुसार, वे पिछले काफी समय से कैंसर का इलाज करा रहे थे। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उमाशंकर सिंह परिचय
– नाम: उमाशंकर सिंह
– राजनीतिक दल: बहुजन समाज पार्टी (बसपा)
– विधानसभा क्षेत्र: रसड़ा, जनपद बलिया
– विधायक: 2012, 2017 एवं 2022 में लगातार तीन बार निर्वाचित
– विशेष पहचान: उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के एकमात्र विधायक
– व्यवसाय: छात्र शक्ति कंपनी के संस्थापक
– छवि: जनप्रिय, मिलनसार, संघर्षशील एवं मददगार जनप्रतिनिधि
– निधन: दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान
– बीमारी: लंबे समय से कैंसर से पीड़ित
उमाशंकर सिंह का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक ऐसे अध्याय का अंत है, जिसने संघर्ष, परिश्रम, जनसेवा और लोकप्रियता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके जाने से बलिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक ऐसी रिक्तता उत्पन्न हुई है, जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।

